Yamunanagar Grievance Committee: यमुनानगर ग्रीवांस कमेटी में विज का कड़ा रुख, लापरवाही पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन
यमुनानगर ग्रीवांस कमेटी में विज का कड़ा रुख, लापरवाही पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन
Yamunanagar Grievance Committee: महाराजा अग्रसेन कॉलेज के सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति (Grievance Committee) की मासिक बैठक पूरी तरह ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के तेवरों के नाम रही। कुल 16 शिकायतों (5 पुरानी और 11 नई) पर सुनवाई करते हुए विज ने ढिलाई बरतने वाले अफसरों की जमकर क्लास ली। बैठक में कई मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया, जबकि पेचीदा मामलों में जांच का जिम्मा आला अधिकारियों को सौंपकर रिपोर्ट तलब की गई है।
डीसी का आदेश ठेंगा दिखाने वाले अफसर पर गिरी गाज
बैठक में प्रशासनिक लापरवाही का सबसे बड़ा मामला भोजपुर गांव में स्थित इंडियन प्लाइवुड फैक्ट्री से फैले प्रदूषण से जुड़ा सामने आया। शिकायतकर्ता सुनील की अर्जी पर जब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी ने 15 दिन का कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही, तो मंच पर बैठीं डीसी प्रीति ने विज को बताया कि विभाग को इस मामले में पहले ही एक्शन लेने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने कोई कदम नहीं उठाया। डीसी के आदेश की नाफरमानी सुनते ही विज बिफर पड़े और उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारी को शो-कॉज नोटिस थमाते हुए चार्जशीट करने का हुक्म दे दिया।
‘हुडा’ शब्द देखकर बिफरे विज, बोले— भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम मिटना चाहिए
बैठक के दौरान जब एचएसवीपी (HSVP) के सेक्टर-17 से जुड़ी एक शिकायत सामने आई, तो कागजात में ‘हुडा’ लिखा देखकर अनिल विज भड़क उठे। उन्होंने तल्ख लहजे में पूछा, “यह किसके द्वारा लिखा गया है? क्या यह सेक्टर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का है?” जब अधिकारी ने सफाई दी कि शिकायतकर्ता ने ही पुराना नाम हुडा लिखा है, तो विज ने चुटकी लेते हुए कहा कि जब इन्होंने मकान लिया होगा तब हुडा ही था, लेकिन हमारी सरकार ने आते ही इसे एचएसवीपी कर दिया था। अधिकारी तुरंत इसे ठीक करें। मुस्कुराते हुए विज ने तंज कसा, “यह हुड्डा नाम अब पूरी तरह मिट जाना चाहिए।”
70% दिव्यांग को कागजों में मार दिया, पेंशन बंद होने पर मची खलबली
सुंदर नगर निवासी 70 प्रतिशत विकलांग रवि किरण ने जब अपनी व्यथा सुनाई, तो सभागार में सन्नाटा पसर गया। 2010 से पेंशन पा रहे रवि की पेंशन जनवरी 2026 में यह कहकर बंद कर दी गई कि कागजों में वे मृत दर्ज हैं। जब समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि बेटे की मौत के बाद आधार कार्ड में हुई गफलत से यह गड़बड़ी हुई, तो विज ने इसे गंभीर मानवीय लापरवाही माना। उन्होंने मामले की तह तक जाने के लिए एडीसी की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया।
60 लाख के बैंक घोटाले में ‘समझौते’ पर उठाए सवाल, राहुल पर बोला हमला
थाना छप्पर क्षेत्र के केनरा बैंक मैनेजर द्वारा 60 लाख रुपये ठगने की शिकायत पर जब बैंक प्रबंधक ने बताया कि पुलिस थाने में दोनों पक्षों का समझौता हो गया है, तो विज ने हैरानी जताई। विज ने कहा कि 60 लाख के बड़े फ्रॉड में समझौता कैसे हो सकता है? उन्होंने डीएसपी रजत गुलिया को मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि यदि शिकायत झूठी निकली तो शिकायतकर्ता पर भी गाज गिरेगी।
बैठक के इतर मीडिया से बात करते हुए विज ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाने को लेकर राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया। विज ने कहा, “राहुल गांधी के अंदर इमरजेंसी लगाने वाली इंदिरा गांधी का खून दौड़ रहा है, वे डिक्टेटरशिप वाली सोच रखते हैं। देश का यूथ (Gen-Z) उनकी सच्चाई समझ चुका है, जिसका सबूत दिल्ली और पंजाब यूनिवर्सिटी में एबीवीपी की जीत है।”
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