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Yamunanagar Fire News: यमुनानगर में कुदरत का कहर: मोहिद्दीनपुर में 12 घर जलकर राख, 50 लाख का हुआ नुकसान

AAmandeep Singh
यमुनानगर में कुदरत का कहर: मोहिद्दीनपुर में 12 घर जलकर राख, 50 लाख का हुआ नुकसान
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यमुनानगर। यमुनानगर के मोहिद्दीनपुर गांव में आज एक ऐसी त्रासदी हुई जिसने कई परिवारों को खुले आसमान के नीचे लाकर खड़ा कर दिया। भीषण गर्मी और तेज हवाओं के बीच लगी इस आग ने महज चंद मिनटों में सब कुछ राख कर दिया। ग्रामीणों की आंखों के सामने उनकी मेहनत की कमाई और सिर की छत धुएं में तब्दील हो गई। इस अग्निकांड में करीब 50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें घरेलू सामान के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण मशीनें भी जल गईं।

जंगल से आई ‘मौत’ की चिंगारी

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हादसे की शुरुआत गांव के पीछे सटे जंगल से हुई, जहां अज्ञात कारणों से आग लगी थी। दोपहर के वक्त चली तेज पछुआ हवाओं ने आग की लपटों को गांव की ओर धकेल दिया। छप्परों ने इन चिंगारियों को तुरंत पकड़ लिया और देखते ही देखते मोहिद्दीनपुर में हाहाकार मच गया। स्थानीय लोगों ने बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के आगे सब बेबस नजर आए।

दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर भड़के लोग

इस दुखद घटना में सबसे ज्यादा आक्रोश दमकल विभाग को लेकर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप सीधा और गंभीर है; उनका कहना है कि सूचना के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने औपचारिकता निभाई और आग को पूरी तरह ठंडा किए बिना ही मौके से चली गई। नतीजा यह हुआ कि दबी हुई चिंगारियां फिर से भड़क उठीं और पहले से कहीं ज्यादा तबाही मचा दी। करीब 4 घंटे तक गांव में चीख-पुकार मची रही, लेकिन मदद की रफ्तार बेहद सुस्त रही।

मुआवजे की गुहार और भविष्य का सवाल

देर से ही सही, लेकिन एसडीआरएफ (SDRF) और छछरौली पुलिस की टीमों ने मोर्चा संभाला और स्थिति पर काबू पाया। फिलहाल गांव में सन्नाटा पसरा है और प्रभावित परिवार अपनी राख हो चुकी गृहस्थी को निहार रहे हैं। प्रशासन अब नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने की बात कह रहा है, लेकिन ग्रामीणों का सवाल वाजिब है कि आखिर उनकी मदद कब होगी? क्या सरकारी फाइलें इन बेघर हुए लोगों को छत दिला पाएंगी? यह सवाल अब स्थानीय प्रशासन की चौखट पर खड़ा है।

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