Yamunanagar murder case: हरियाणा के यमुनानगर जिले के बूड़िया इलाके में हाल ही में सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड का पुलिस ने चंद दिनों के भीतर ही पर्दाफाश कर दिया है। बूड़िया-खारवन रोड पर नाले के पास एक कट्टे के भीतर मिले युवक के शव ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस की गहन जांच में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को सन्न कर दिया—एक बेटे ने अपने ही पिता को मौत के घाट उतार दिया था। मृतक की शिनाख्त बूड़िया निवासी शिवकुमार उर्फ शिबू के रूप में हुई थी, जिसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी अपनी ही मां के साथ अवैध संबंधों से नाराज चल रहे उसके बेटे प्रदीप कुमार ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर की थी।
ऐसे खुला खौफनाक राज़
इस पूरे मामले की परतें तब उधड़नी शुरू हुईं जब 17 अक्तूबर को भोगपुर निवासी मृतक के साले मांगेराम ने बूड़िया थाने में शिवकुमार की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब अपनी तफ्तीश शुरू की तो पता चला कि शिवकुमार बीते 10 अक्तूबर से ही रहस्यमय परिस्थितियों में लापता था। उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके में रह रही थी, जबकि घर पर शिवकुमार अकेला ही रहता था। जब पुलिस जांच के सिलसिले में शिवकुमार के घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के होश उड़ गए। घर के भीतर खून से सनी हुई एक लोहे की रॉड और एक संदिग्ध कंबल बरामद हुआ, जिससे यह साफ हो गया कि मामला सामान्य गुमशुदगी का नहीं, बल्कि किसी बड़ी अनहोनी का है।
नाले के पास मिला था कट्टे में लिपटा शव
ठीक उसी रात यानी 17 अक्तूबर की देर शाम बूड़िया-खारवन रोड पर नाले के किनारे एक कट्टा मिलने से सनसनी फैल गई। उस कट्टे से युवक की एक टांग बाहर झांक रही थी, जबकि आसपास खून के धब्बे और एक हाथ का दस्ताना भी पड़ा हुआ था। सूचना मिलते ही बूड़िया थाना पुलिस और सीआईए-वन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। शव की पहचान जब शिवकुमार उर्फ शिबू के रूप में हुई, तो पुलिस ने बिना देर किए हत्या का मुकदमा दर्ज कर अपनी टीमों को कातिलों की तलाश में लगा दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया था कि शिवकुमार के सिर और शरीर पर किसी भारी वस्तु से कई वार किए गए थे, जिससे उसकी जान चली गई।
यमुना नदी के पास से दबोचे गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी रजत गुलिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल के सख्त निर्देशों के तहत सीआईए-वन की टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बेटे प्रदीप कुमार और उसके दोस्त किरण पाल को गांव मंडौली के पास यमुना नदी के नजदीक से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने सख्ती बरती, तो आरोपी प्रदीप टूट गया और उसने जो सच उगला, उसने रिश्तों की सारी मर्यादाओं को तार-तार कर दिया।
रिश्तों का खून और साजिश
आरोपी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसकी मां सुनीता के साथ शिवकुमार के लंबे समय से संबंध थे, जिससे वह बेहद आहत और नाराज रहता था। उसने कई बार अपने पिता को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी। इसी अंदरूनी रंजिश और गुस्से के चलते उसने अपने साथी किरण पाल के साथ मिलकर शिवकुमार को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने शव को एक कट्टे में भरकर नाले के पास फेंक दिया था ताकि सबूत मिटाए जा सकें। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया है और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी व अन्य साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
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