Yamunanagar News: यमुनानगर जिले के प्रतापनगर थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था और मॉब लिंचिंग जैसी मानसिकता को कटघरे में खड़ा करने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। खिजरी गांव में खेतों से ट्यूबवेल की केबल चोरी करने के आरोप में ग्रामीणों ने एक युवक को रंगे हाथों पकड़ने का दावा किया। इसके बाद पुलिस को सूचना देने या कानून के हवाले करने के बजाय ग्रामीणों ने खुद ही फैसला सुना डाला। भीड़ ने चोरी की काटी गई तारों को ही युवक के गले में हार की तरह लपेट दिया और उसे खेतों से लेकर गांव की सड़कों और मुख्य बाजार तक जुलूस की तर्ज पर घुमाया।
दो वीडियो वायरल: गाली-गलौज और चप्पलों की माला पहनाने की धमकी
इस पूरी घटना के दो अलग-अलग वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। 1 मिनट 42 सेकेंड के पहले वीडियो में कुछ ग्रामीण खेतों में युवक को घेरे हुए नजर आ रहे हैं और उसके साथ अभद्र भाषा व गाली-गलौज का इस्तेमाल कर रहे हैं। वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि कुछ लोग उसे थाने ले जाने से पहले खुद ही सबक सिखाने और पिटाई करने की वकालत कर रहे हैं। वहीं, कुछ ग्रामीण उसे चप्पलों की माला पहनाने की बात भी कहते सुने जा सकते हैं। पीड़ित युवक अपने भाई को बुलाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
नशे की लत और किसानों के नुकसान को बताया वजह
स्थानीय ग्रामीण जसबीर समेत अन्य लोगों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से ट्यूबवेलों की कॉपर केबल और तार चोरी होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। इससे किसानों को न केवल हजारों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, बल्कि सिंचाई ठप होने से फसलों पर भी बुरा असर पड़ता है। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में सक्रिय नशेड़ी युवक अपनी लत पूरी करने के लिए इस तरह की चोरियों को अंजाम दे रहे हैं। इसी आक्रोश में ग्रामीणों ने युवक को पकड़कर इस तरह जलील करने का कदम उठाया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों और युवक के नशेड़ी होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस बोली— शिकायत मिलते ही होगी सख्त कार्रवाई
इस तालिबानी रवैये और कानून हाथ में लेने के मामले पर पुलिस का रुख भी सामने आया है। प्रतापनगर थाना पुलिस का कहना है कि अभी तक इस घटना के संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दोनों वीडियो पुलिस के संज्ञान में आ गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की जा रही है। किसी को भी कानून हाथ में लेने या स्वघोषित अदालत चलाकर किसी नागरिक को प्रताड़ित करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
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