Yamunanagar News: ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर अड़की धान की खरीद, यमुनानगर में भड़के किसानों ने फूंका सीएम सैनी का पुतला
'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल पर अड़की धान की खरीद, यमुनानगर में भड़के किसानों ने फूंका सीएम सैनी का पुतला
Yamunanagar News: हरियाणा में धान की सरकारी खरीद शुरू होते ही तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज फसल और जमीन के रिकॉर्ड में भारी मिसमैच के चलते मंडियों में धान की खरीद अटक गई है। इस समस्या से खफा भारतीय किसान यूनियन से जुड़े किसानों ने गुरुवार को यमुनानगर की अनाज मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग की लचर कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री के पुतले फूंके।
किसानों के उग्र रुख और प्रदर्शन को देखते हुए जिला सचिवालय और मंडी परिसर के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
’50 फीसदी से ज्यादा रिकॉर्ड मिसमैच, पहले क्यों नहीं चेता प्रशासन?’
मंडी में ट्रॉलियों में धान लादकर पहुंचे कई किसानों का कहना है कि पोर्टल पर गेट पास और फसल का ब्योरा मैच न होने के कारण उनकी खरीद प्रक्रिया आगे ही नहीं बढ़ पा रही। कई-कई दिनों से किसान मंडियों में खुले आसमान के नीचे अपनी फसल का पहरा देने को मजबूर हैं।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे भाकियू (चढूनी) के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए कहा कि खरीद सीजन शुरू होने से हफ्ते-दस दिन पहले ही अधिकारियों को यह डेटा वेरिफिकेशन का काम पूरा कर लेना चाहिए था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आज प्रदेश का अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने दावा किया कि अकेले यमुनानगर जिले में ही 50 प्रतिशत से अधिक किसानों का पोर्टल रिकॉर्ड मिसमैच दिखा रहा है, जिससे मंडियों में लिफ्टिंग और खरीद का पूरा ढर्रा ठप्प पड़ा है।
2 दिन में हल न निकला तो सचिवालय में धान गिराएंगे किसान
किसान नेताओं ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए दो दिनों के भीतर तमाम तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की है। संजू गुंदियाना ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “यदि दो दिन के भीतर पोर्टल मिसमैच की समस्या का स्थायी समाधान कर खरीद सुचारू नहीं की गई, तो किसान अपनी ट्रॉलियां लेकर सीधे जिला सचिवालय पहुंचेंगे और पूरा धान अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर उंडेल देंगे।”
यूनियन ने मांग की है कि जब तक पोर्टल की खामियां पूरी तरह ठीक नहीं हो जातीं, तब तक वैकल्पिक या मैनुअल व्यवस्था के तहत भौतिक सत्यापन कर किसानों की फसल की तुलाई और खरीद तुरंत शुरू कराई जाए।
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