Yamunanagar News: यमुनानगर जिले की व्यासपुर अनाज मंडी में धान उठान की धीमी चाल और प्रशासनिक ढिलाई से तंग आकर आखिरकार किसानों का धैर्य जवाब दे गया। बुधवार सुबह भारतीय किसान यूनियन (BKU) के बैनर तले एकजुट हुए दर्जनों किसानों ने मंडी प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मंडी के दोनों मुख्य गेटों पर ताला जड़ दिया। किसान मंडी गेट के सामने ही दरी बिछाकर धरने (Protest) पर बैठ गए, जिससे मंडी के भीतर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। किसानों का आरोप है कि मंडी में धान की आवक तो तेजी से हो रही है, लेकिन एजेंसियों की सुस्ती के चलते उठान न के बराबर हो रहा है।
शेड फुल होने से खुले आसमान नीचे रखने को मजबूर, बारिश में भीगी फसल
भाकियू के जिला उपाध्यक्ष गुरमेज कपूरी ने व्यासपुर मंडी के बदतर हालात पर नाराजगी जताते हुए बताया कि शेड के नीचे पहले से खरीदी जा चुकी फसल के ढेर लगे हुए हैं, जिनका उठान ठेकेदार नहीं करा रहे। ऐसे में दूर-दराज के गांवों से अपनी उपज लेकर पहुंच रहे किसानों को मजबूरी में अपनी धान की फसल खुले आसमान के नीचे रखनी पड़ रही है। मंगलवार रात हुई अचानक बारिश के चलते खुले में रखी सैकड़ों बोरियां और धान की ढेरियां भीग गईं। गेट पास और आढ़तियों की पर्चियां कटने के बावजूद फसल मंडी में ही सड़ रही है, जिसका सीधा आर्थिक नुकसान अन्नदाता को उठाना पड़ रहा है।
नमी मापने वाली मशीनों की अलग-अलग रीडिंग पर उठे गंभीर सवाल
प्रदर्शनकारी किसानों ने मंडी में धान की नमी (Moisture) जांचने की प्रक्रिया पर भी भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। गुरमेज कपूरी और अन्य किसानों ने कहा कि जब वे अपनी फसल की नमी जांचते हैं, तो मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की मशीन और आढ़तियों के पास मौजूद मॉइश्चर मीटर अलग-अलग रीडिंग दिखाते हैं। रीडिंग में आ रहे इस भारी अंतर के कारण खरीद एजेंसियां नमी अधिक बताकर किसानों को परेशान कर रही हैं और उनकी खरीद में जानबूझकर अड़ंगा डाला जा रहा है।
अधिकारियों ने नहीं की मुलाकात तो बढ़ा गुस्सा, शाहाबाद के वादे को बताया खोखला
किसानों ने बताया कि बुधवार सुबह अपनी इन तमाम जायज मांगों को लेकर वे मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे थे। घंटों इंतजार करने के बावजूद कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी या सचिव उनसे बात करने नहीं पहुंचा। अधिकारियों के इस रवैये से नाराज होकर ही किसानों ने तालाबंदी का कठोर कदम उठाया। किसानों का कहना है कि दो दिन पहले कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में प्रदर्शन के दौरान शासन-प्रशासन ने जल्द से जल्द उठान का जो आश्वासन दिया था, वह व्यासपुर मंडी में पूरी तरह खोखला साबित हुआ है।
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