Yamunanagar Ration Depot Holder Protest: यमुनानगर में राशन डिपो होल्डरों का रोष प्रदर्शन, 8 महीने से अटका है कमीशन
यमुनानगर में राशन डिपो होल्डरों का रोष प्रदर्शन
Yamunanagar Ration Depot Holder Protest: हरियाणा के यमुनानगर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े राशन डिपो धारकों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। पिछले आठ महीनों से बकाया कमीशन का भुगतान न मिलने से नाराज डिपो होल्डर सोमवार को सड़कों पर उतर आए। जिले भर से आए डिपो धारकों ने एकजुट होकर उपायुक्त (DC) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सरकार की अति-महत्वाकांक्षी राशन वितरण योजनाओं को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ जमीनी स्तर पर लागू कर रहे हैं। पात्र परिवारों को समय पर अनाज मुहैया कराने के बावजूद उन्हें उनके हक के मेहनताने के लिए तरसाया जा रहा है। पिछले आठ महीनों से कमीशन न मिलने के कारण कई डिपो होल्डरों के सामने अपने परिवारों का लालन-पालन करना और डिपो का दैनिक खर्च चलाना दूभर हो गया है।
“सरकार ने भेजा पैसा, अधिकारी बना रहे बहाने”
जिला राशन डिपो एसोसिएशन के प्रधान सुशील मित्तल ने प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बताया कि यमुनानगर जिले में कुल 570 राशन डिपो संचालित हैं, जो 13 अलग-अलग सेंटरों के माध्यम से काम करते हैं। एसोसिएशन का सीधा आरोप है कि राज्य सरकार की ओर से डिपो धारकों के आठ महीने के कमीशन की पूरी राशि संबंधित विभागीय कार्यालय को भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी फाइल दबाकर बैठे हैं और बेवजह भुगतान में देरी की जा रही है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे इस संबंध में कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर लिखित शिकायतें दे चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें कोरे आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला।
एजेंसी-स्टोर का बहीखाता अटका, तो डिपो होल्डर क्यों भुगतें?
विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए डिपो होल्डरों ने कहा कि जब भुगतान एजेंसी को सरकार से बजट उपलब्ध हो चुका है, तो उनका पैसा रोकना समझ से परे है। एसोसिएशन के मुताबिक, जब भी वे भुगतान की मांग लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं, तो उन्हें तर्क दिया जाता है कि एजेंसी और को-ऑपरेटिव स्टोर के बीच पुराना हिसाब-किताब लंबित है।
डिपो धारकों ने तीखा सवाल खड़ा किया कि एजेंसी और को-ऑपरेटिव स्टोर के आपसी वित्तीय लेन-देन या बहीखाते के विवाद से उनका क्या लेना-देना है? उन्होंने कहा कि बिना किसी गलती के डिपो होल्डरों की मेहनत की कमाई को रोकना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। डिपो होल्डरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके खातों में बकाया कमीशन जारी नहीं किया गया, तो वे राशन वितरण ठप्प कर बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
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