यमुनानगर। यमुनानगर में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बिलासपुर-साढौरा मुख्य मार्ग पर लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के नजदीक आज उस समय हड़कंप मच गया, जब सवारियों से भरी एक निजी बस और सरकारी बोलेरो के बीच सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी। दुर्घटना होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के राहगीर व ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े।
ओवरटेक के चक्कर में कबाड़ बन गई सरकारी गाड़ी
जानकारी के मुताबिक, निजी बस जगाधरी से बिलासपुर की तरफ आ रही थी, जबकि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की सरकारी बोलेरो गाड़ी साढौरा से जगाधरी की ओर जा रही थी। कॉलेज के पास पहुंचते ही किसी वाहन को ओवरटेक करने के फेर में दोनों गाड़ियां सीधे आमने-सामने आ गईं। रफ्तार तेज होने के कारण ड्राइवरों को संभलने का मौका नहीं मिला। टक्कर के बाद बोलेरो गाड़ी का अगला हिस्सा पिचककर पूरी तरह कबाड़ में तब्दील हो गया, वहीं बस का भी आगे का हिस्सा बुरी तरह टूट गया।
अस्पताल में तोड़ा दम, बिजली महकमे में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे में बोलेरो में सवार बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल को गंभीर चोटें आईं। मौके पर जुटे लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें गाड़ी से बाहर निकाला और तुरंत बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए यमुनानगर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मगर, होनी को कुछ और ही मंजूर था; इलाज के दौरान डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद एसडीओ विकास बंसल जिंदगी की जंग हार गए। अधिकारी की मौत की खबर मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारियों और उनके परिवार में कोहराम मच गया।
पुलिस ने खुलवाया जाम, जांच में जुटे अधिकारी
इस हादसे में बस का संतुलन बिगड़ने से उसमें बैठे कई यात्रियों को भी अंदरूनी और बाहरी चोटें आई हैं, जिनका स्थानीय अस्पतालों में इलाज चल रहा है। हादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया था। सूचना मिलते ही बिलासपुर थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को बीच सड़क से हटवाकर किनारे करवाया और यातायात को सुचारु रूप से बहाल किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तौर पर मामला ओवरटेक के दौरान हुई लापरवाही का लग रहा है, लेकिन पुलिस हर कोण से इस हादसे की जांच कर रही है ताकि सही कारणों का पता लगाया जा सके।

