October 1, 2026

Yamunanagar Suicide Note: 25 हजार के बना दिए 3.5 लाख, यमुनानगर में ई-रिक्शा चालक की मौत के 19 दिन बाद मिला सुसाइड नोट, साले पर FIR

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Yamunanagar Suicide Note: 25 हजार के बना दिए 3.5 लाख, यमुनानगर में ई-रिक्शा चालक की मौत के 19 दिन बाद मिला सुसाइड नोट, साले पर FIR

25 हजार के बना दिए 3.5 लाख, यमुनानगर में ई-रिक्शा चालक की मौत के 19 दिन बाद मिला सुसाइड नोट

Yamunanagar Suicide Note: यमुनानगर के बूड़िया थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा चालक नरेश कुमार की नहर में डूबने से हुई मौत के मामले में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। घटना के 19 दिन बीत जाने के बाद पुलिस ने मृतक के साले के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दरअसल, मौत के बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन जब घर में सफाई के दौरान बेड के नीचे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, तो पूरे घटनाक्रम के पीछे छिपा खौफनाक सच सामने आ गया।

11 सितंबर को लापता हुआ था तीन बच्चों का पिता

ग्रीन विहार निवासी और सिविल अस्पताल में एचकेआरएन (HKRN) के तहत कार्यरत शैलू रानी ने बूड़िया पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी वर्ष 1999 में नरेश कुमार के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं और नरेश परिवार के भरण-पोषण के लिए ई-रिक्शा चलाता था। शैलू के अनुसार, नरेश पिछले कुछ समय से बेहद गुमसुम और मानसिक तनाव में रहता था। परिजनों के पूछने पर भी वह अपनी परेशानी छिपा जाता था।

11 सितंबर की दोपहर नरेश अचानक घर से बिना बताए चला गया और देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 12 सितंबर की सुबह जब पत्नी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची, तभी पश्चिमी यमुना नहर के अमादलपुर पुल के पास एक अज्ञात शव मिलने की सूचना आई। पुलिस द्वारा भेजी गई तस्वीर से शव की पहचान नरेश के रूप में हुई, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव स्वजनों को सौंप दिया।

अंतिम संस्कार के बाद बेड के नीचे कॉपी से मिला सुसाइड नोट

शैलू रानी ने बताया कि पति के अंतिम संस्कार के बाद जब घर में रिश्तेदार एकत्र थे, तब कमरे का बेड हटाते समय नीचे एक कॉपी पड़ी मिली। बच्चों ने जब कॉपी खोलकर देखी तो उसमें नरेश के हाथ से लिखा एक सुसाइड नोट मिला।

सुसाइड नोट में नरेश ने साफ शब्दों में अपनी मौत की वजह अपने साले राजू उर्फ राजेश  को ठहराया था। नरेश ने लिखा था, “मैं नरेश कुमार अपने पूरे होशो-हवास में लिख रहा हूं कि मेरी मौत का कारण राजेश  है। मैंने ई-रिक्शा की बैटरी के लिए इससे 25 हजार रुपये लिए थे, लेकिन उसने इसका ब्याज बढ़ाकर 3 लाख 50 हजार रुपये बना दिए। मैं गरीब रिक्शा चलाने वाला आदमी इतने पैसे कहां से लाऊंगा? यह मुझे काम नहीं करने देता और धमकी देता है कि तुझे 5 साल के लिए जेल भिजवा दूंगा। जनाब, इसे छोड़ना मत…”

देरी से मिला सुसाइड नोट, पुलिस जांच में जुटी

मामले की गंभीरता को देखते हुए बूड़िया थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर आरोपी राजू उर्फ राजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

बूड़िया थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि परिजनों को सुसाइड नोट अंतिम संस्कार के बाद देरी से मिला था, जिसके कारण शिकायत देने और केस दर्ज होने में समय लगा। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग की जांच कराई जा रही है और आरोपी की भूमिका को लेकर अग्रिम कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

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