September 25, 2026

Yamunanagar Swine Flu: यमुनानगर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, PGI चंडीगढ़ में 66 वर्षीय बुजुर्ग ने तोड़ा दम

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Yamunanagar Swine Flu: यमुनानगर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, PGI चंडीगढ़ में 66 वर्षीय बुजुर्ग ने तोड़ा दम

यमुनानगर में स्वाइन फ्लू से पहली मौत, PGI चंडीगढ़ में 66 वर्षीय बुजुर्ग ने तोड़ा दम

Yamunanagar Swine Flu: यमुनानगर जिले में मौसमी बीमारियों और स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। शहर की एक प्रमुख कॉलोनी के रहने वाले 66 वर्षीय बुजुर्ग की पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बुजुर्ग की रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू (H1N1) संक्रमण की पुष्टि हुई थी। हालांकि, वे पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और डायलिसिस जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे, जिसके चलते इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

1 साल के बच्चे समेत दो नए केस, संख्या पहुंची 13

एक तरफ जहां जिले में पहली मौत से दहशत का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ स्वाइन फ्लू का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में जिले के दो और निवासियों में H1N1 वायरस की पुष्टि हुई है। इनमें 1 साल का एक मासूम बच्चा और 51 साल की एक महिला शामिल हैं। इन दो नए मामलों के जुड़ने से यमुनानगर जिले में स्वाइन फ्लू के कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 13 पर पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य महकमे की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों पर ज्यादा खतरा

मामले की पुष्टि करते हुए जिला निगरानी अधिकारी डॉ. वागीश गुटेन ने बताया कि मृतक बुजुर्ग का इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा था। जैसे ही उनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखे, तुरंत उनका सैंपल लेकर जांच कराई गई थी। डॉ. गुटेन के अनुसार, जो मरीज पहले से ही किसी गंभीर या पुरानी बीमारी (जैसे शुगर, बीपी या किडनी रोग) से पीड़ित हैं, उनमें स्वाइन फ्लू का संक्रमण काफी घातक साबित हो सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलर्ट, बढ़ाई गई घर-घर निगरानी

जिले में स्वाइन फ्लू के 13 मामले दर्ज होने और पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह हरकत में आ गया है। नए मरीजों के संपर्क में आए लोगों और उनके परिजनों की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि तेज बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस होने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच कराएं और खुद से दवा लेने से बचें।

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