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Barnala News: बरनाला में पुलिस की कथित बदसलूकी से परेशान युवक ने निगला जहरीला पदार्थ; हालत गंभीर

JJagmarg Desk
Barnala News: बरनाला में पुलिस की कथित बदसलूकी से परेशान युवक ने निगला जहरीला पदार्थ; हालत गंभीर
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बरनाला: अमृतसर में वेयर हाउस के डीएम द्वारा सत्ताधारी पार्टी के कथित दबाव में आत्महत्या करने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि बरनाला जिले के गांव राजगढ़ से ऐसी ही एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहाँ के एक युवक मनजिंदर सिंह ने पुलिस और राजनीतिक दबाव से तंग आकर स्प्रे पीकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने की कोशिश की।

युवक की हालत नाजुक बताई जा रही है, जो एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। पीड़ित युवक के भाई बेअंत सिंह ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि गांव में पंचायत द्वारा गली बनाने का काम चल रहा था। इस दौरान कुछ आपत्ति उठने पर पंचायत सदस्य सेवक सिंह ने मामले को सुलझाने के बजाय पुलिस बुला ली। बेअंत सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौके पर पहुंचे थाना धनौला के एसएचओ लखवीर सिंह ने आते ही माहौल को और खराब कर दिया।

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घटना के बाद ग्रामीणों में भारी रोष पाया जा रहा है। गांव की पंचायत और इलाका निवासियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर, यह मामला जिले के उच्च पुलिस अधिकारियों के ध्यान में भी लाया गया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस प्रशासन अपने ही अधिकारी और राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई अमल में लाता है। इस मामले के संबंध में जिला पुलिस प्रमुख मोहम्मद सरफराज आलम और हल्का इंचार्ज हरिंदर धालीवाल से संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।

एसएचओ ने परिवार के सदस्यों के साथ की बदसलूकी और अभद्र भाषा का प्रयोग किया

परिवार का कहना है कि एसएचओ धनौला ने गांव के लोगों और पंचायत की मौजूदगी में परिवार की महिलाओं के साथ बेहद अश्लील और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। बेअंत सिंह के अनुसार, “पुलिस अधिकारी ने सरेआम हमारे परिवार की महिलाओं की बेइज्जती की।

मेरा भाई मनजिंदर सिंह यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सका और उसने कोई जहरीली स्प्रे पी ली।” गांव के सरपंच, पंच और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी पुलिस अधिकारी द्वारा की गई इस बदसलूकी की निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

‘आप’ के हल्का इंचार्ज के खिलाफ भी मांगी कार्रवाई

इस मामले में पीड़ित परिवार ने न केवल पुलिस पर, बल्कि सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के हल्का इंचार्ज हरिंदर धालीवाल पर भी तीखे निशाने साधे हैं। परिवार का कहना है कि हल्का इंचार्ज के कथित हस्तक्षेप के कारण ही पुलिस और पंचायत सदस्य सरेआम धक्केशाही कर रहे हैं।

बेअंत सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके भाई को कुछ भी होता है, तो इसके लिए हल्का इंचार्ज, एसएचओ धनौला और पंचायत सदस्य सेवक सिंह सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।

राजनीतिक दलों द्वारा सरकार और पुलिस के खिलाफ मोर्चा; मुख्य मार्ग किया जाम

पीड़ित परिवार के पक्ष में अब विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उतर आए हैं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार और पुलिस प्रशासन के कथित दमन के खिलाफ जोरदार गुस्सा निकाला। राजनीतिक नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में चूर नेता और पुलिस अधिकारी आम लोगों की बहू-बेटियों की इज्जत को रौंद रहे हैं, जिसके कारण आज एक युवक मौत और जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है।

न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों द्वारा जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक एसएचओ और राजनीतिक नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।

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