AAP MLAs Akal Takht Apology : अमृतसर के धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब आम आदमी पार्टी के कई प्रमुख विधायक और नेता सीधे श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय जा पहुंचे। पिछले दिनों विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा द्वारा दिए गए एक बयान ने तूल पकड़ लिया था, जिसके बाद पार्टी नेताओं को यह कदम उठाना पड़ा। सचिवालय में पहुंचकर नेताओं ने न सिर्फ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, बल्कि गुरु साहिब के समक्ष अपनी भूल स्वीकार करते हुए क्षमा भी मांगी।
यह पूरा विवाद 12 अक्टूबर को उस समय शुरू हुआ जब विधायक ग्यासपुरा ने गोल्डन टेंपल परिसर के बाहर जातिगत भेदभाव को लेकर एक बयान दिया था। आरोप है कि उस दौरान सिख संस्थाओं के खिलाफ कुछ ऐसी शब्दावली का इस्तेमाल किया गया जिससे सिख जगत की भावनाएं आहत हुईं। इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने नाराजगी जताई थी और स्पष्टीकरण मांगा था।
निजी विचार बताकर झाड़ा पल्ला
सचिवालय में पेश हुए ‘आप’ विधायकों ने मीडिया और संबंधित पक्षों के सामने दो टूक कहा कि मनविंदर सिंह ग्यासपुरा का वह बयान पूरी तरह से उनका अपना निजी विचार था। पार्टी या बाकी विधायकों का उस सोच से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। नेताओं ने माना कि जब 12 अक्टूबर को उनके सामने वैसी बातें रखी गईं, तो उन्हें तुरंत मौके पर ही उसका खंडन करना चाहिए था। वक्त पर स्थिति स्पष्ट न करने की अपनी इसी भूल को स्वीकार करने के लिए वे आज तख्त साहिब के दरबार में हाजिर हुए हैं।
मर्यादा और समानता का दिया हवाला
अपनी सफाई में आप नेताओं ने यह भी दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब एक ऐसा पवित्र स्थान है जहां दुनिया के किसी भी कोने से आने वाले व्यक्ति को जाति, रंग, नस्ल या वर्ग के आधार पर कभी नहीं रोका गया। यहां आने वाले हर श्रद्धालु के लिए द्वार हमेशा खुले हैं और इतिहास गवाह है कि इस महान संस्थान ने हमेशा सर्वधर्म समभाव और बराबरी का संदेश दिया है। विधायकों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की किसी भी बात से पार्टी और उनके प्रतिनिधि पूरी तरह दूर रहेंगे।
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