Bhagwant Mann Punjab drugs issue : फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी में शुक्रवार को आयोजित ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेहद दो टूक अंदाज में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की निर्मम हत्या के बाद राज्य में हुए ‘बंद’ के ठीक एक दिन बाद आए मुख्यमंत्री के इस बयान ने राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सोशल मीडिया पर पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल उठाए जाने के बाद सीएम मान ने साफ कर दिया कि ड्रग्स की समस्या को लेकर पंजाब को अकेले निशाना बनाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदारी और अधिकार क्षेत्र दूसरे महकमों के पास भी हैं।
मुख्यमंत्री ने इस पूरी स्थिति की तुलना पराली जलाने के मामलों से करते हुए कहा कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी पराली जलाई जाती है, लेकिन बदनाम सिर्फ पंजाब को ही किया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में उतना नशा नहीं है, जितना इसे दुष्प्रचार के जरिए फैलाकर दिखाया जा रहा है।
केंद्र के अधिकार क्षेत्र और बीएसएफ की भूमिका पर सवाल
केंद्र सरकार के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने आंकड़े और व्यवस्थाओं का हवाला दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ का 50 किलोमीटर का अधिकार क्षेत्र सीधे तौर पर केंद्र सरकार के अधीन आता है। गुजरात के कांडला बंदरगाह पर पकड़ी गई हजारों किलो ड्रग्स का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जब अवैध खेप दूसरे इलाकों से आ रही है, तो सारा ठीकरा पंजाब के सिर क्यों फोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने अपने स्तर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम विकसित किया है, जिसके लिए केंद्र से एक भी रुपया वित्तीय सहायता के रूप में नहीं मिला। इसके बावजूद पंजाब पुलिस और प्रशासन नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर लड़ रहे हैं।
मानसा हत्या कांड पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस सनसनीखेज मामले में कानून अपना काम पूरी सख्ती से करेगा और साजिश में शामिल एक-एक आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने माना कि ड्रग्स के खिलाफ चलाई जा रही इस जंग में कई बार अड़चनें और विरोध का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार अपराधियों के सामने कतई नहीं झुकेगी।
महाराजा रणजीत सिंह के दौर जैसे न्याय का आह्वान
राज्य के पुलिस बल को पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से काम करने की नसीहत देते हुए सीएम मान ने कहा कि खाकी की जिम्मेदारी केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के गौरव को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने निर्देश दिए कि जो लोग नशे के दलदल में फंसे हैं, उनके साथ संवेदनशीलता और मरीजों जैसा बर्ताव किया जाए, लेकिन जो लोग नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन चला रहे हैं, उन्हें नेस्तनाबूद करना ही मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल की याद दिलाते हुए बिना किसी डर, दबाव या राजनीतिक सिफारिश के निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करें, ताकि पंजाब को उसका पुराना वैभव और खोया हुआ गौरव फिर से मिल सके।
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