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Rajya Sabha Election Haryana: हरियाणा राज्यसभा का रण: अभय चौटाला के कड़े तेवर, हुड्डा के साथ पुरानी रंजिश ने पकड़ी रफ्तार

AAmandeep Singh
हरियाणा राज्यसभा का रण: अभय चौटाला के कड़े तेवर, हुड्डा के साथ पुरानी रंजिश ने पकड़ी रफ्तार
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हरियाणा। हरियाणा की सियासत में राज्यसभा चुनाव की तारीख (16 मार्च) जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, जुबानी जंग मर्यादा की सीमाएं लांघने लगी है। एक सीट पर भाजपा की जीत सुनिश्चित होने के बाद सारा खेल दूसरी सीट पर टिक गया है, जहां कांग्रेस के कर्मबीर बौध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल आमने-सामने हैं। इस सियासी बिसात पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के इकलौते विधायक अभय सिंह चौटाला ‘किंगमेकर’ की भूमिका में न होते हुए भी चर्चाओं के केंद्र में आ गए हैं। जींद में आयोजित पार्टी की गुप्त बैठक के बाद अभय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर सीधा और निजी हमला बोलकर माहौल गरमा दिया है।

“हुड्डा ने बेटे के लिए पकड़े थे पैर”—अभय का सनसनीखेज दावा

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मीडिया से मुखातिब होते हुए अभय चौटाला ने पुराने किस्सों की फाइलें खोल दीं। उन्होंने कहा कि आज जो भूपेंद्र हुड्डा उन्हें नसीहत दे रहे हैं, वे भूल गए कि जब उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा राज्यसभा का चुनाव लड़ रहे थे, तब हुड्डा ने खुद उनके (अभय के) पैरों में हाथ लगाकर समर्थन मांगा था। अभय ने तंज कसते हुए कहा कि हुड्डा परिवार की फितरत जरूरत के वक्त गिड़गिड़ाने और काम निकल जाने के बाद आंखें दिखाने की रही है। उन्होंने साफ किया कि इनेलो राज्यसभा में किसे वोट देगी, इसका फैसला कार्यकर्ताओं और जनता की राय लेकर ही किया जाएगा।

सांसद जयप्रकाश पर बरसे अभय, बताया ‘पालतू’ और दी नोटिस की चेतावनी

अभय चौटाला का गुस्सा सिर्फ हुड्डा तक ही सीमित नहीं रहा, उन्होंने कांग्रेस सांसद जयप्रकाश (जेपी) को भी आड़े हाथों लिया। जयप्रकाश द्वारा जाट आंदोलन की हिंसा के लिए इनेलो और भाजपा को जिम्मेदार ठहराने वाले बयान पर अभय ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि हुड्डा ने जयप्रकाश को ‘पालतू’ बनाकर छोड़ रखा है जो बिना सिर-पैर की बातें कर रहे हैं। अभय ने ऐलान किया कि जाट आंदोलन पर लगाए गए झूठे आरोपों के खिलाफ वे जयप्रकाश को कानूनी नोटिस भेजकर जवाब मांगेंगे।

कांग्रेस से नेताओं के पलायन पर भी घेरा

कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी के कांग्रेस छोड़ने के प्रकरण का जिक्र करते हुए अभय ने कहा कि हुड्डा की गुटबाजी और मनमर्जी के कारण ही कद्दावर नेताओं ने पार्टी छोड़ी है। जींद की इस बैठक में अभय के साथ प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा और अर्जुन चौटाला ने भी चुनाव की बारीकियों पर मंथन किया। फिलहाल, इनेलो का वोट किसके पाले में जाएगा, यह सस्पेंस अभी बरकरार है, लेकिन अभय के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस और भाजपा, दोनों से बराबर दूरी बनाकर चलने का संदेश देना चाहते हैं।

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