AC use in Winter: सर्दियों में ज्यादातर लोग AC का इस्तेमाल बंद कर देते हैं और गर्मी शुरू होने पर ही उसे दोबारा चलाते हैं। लेकिन दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में सर्दियों के दौरान बढ़ता प्रदूषण, धूल और स्मॉग घर के अंदर भी परेशानी पैदा कर सकते हैं। ऐसे में AC के मौजूदा फिल्टर का इस्तेमाल कमरे की हवा में मौजूद धूल और बाल जैसे बड़े कणों को रोकने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए AC को कूलिंग मोड में चलाने की जरूरत नहीं है। AC के रिमोट पर Mode बटन दबाकर Fan Mode चुन सकते हैं। इस मोड में सामान्य तौर पर कंप्रेसर बंद रहता है और इनडोर फैन चलता है। हवा फिल्टर से गुजरती है, जिससे उसमें मौजूद कुछ बड़े कण फिल्टर पर जमा हो सकते हैं।
हालांकि, यह तरीका हर AC में समान परिणाम नहीं देगा। हवा को फिल्टर करने की क्षमता AC के डिजाइन, फिल्टर की बनावट और हवा के प्रवाह पर निर्भर करती है। सामान्य AC फिल्टर को एयर प्यूरीफायर का विकल्प नहीं मानना चाहिए, खासकर तब जब कमरे में PM2.5 जैसे बारीक प्रदूषक कणों की मात्रा अधिक हो।
रोज 8 घंटे चलाने पर कितना आएगा बिजली का खर्च?
AC के Fan Mode में बिजली की खपत मुख्य रूप से इनडोर फैन और उससे जुड़े दूसरे सक्रिय हिस्सों पर निर्भर करती है। अगर फैन की खपत 60 वॉट मानें और उसे रोज 8 घंटे चलाया जाए, तो बिजली की गणना इस तरह होगी। 60 वॉट का फैन 8 घंटे में 0.48 यूनिट बिजली खर्च करेगा। 30 दिन में यह खपत करीब 14.4 यूनिट होगी। बिजली की दर 7 से 8 रुपये प्रति यूनिट मानने पर महीने का खर्च लगभग 101 से 115 रुपये बैठेगा। यह केवल अनुमान है। आपके AC की वास्तविक बिजली खपत, इस्तेमाल की अवधि और बिजली की दर के हिसाब से बिल कम या ज्यादा हो सकता है। इसलिए इसे हर AC पर लागू होने वाला तय खर्च नहीं समझना चाहिए।
AC का फिल्टर साफ रखें, ऐड-ऑन फिल्टर खरीदने से पहले जांचें क्षमता
सर्दियों में AC के Fan Mode का इस्तेमाल करने से पहले इनडोर यूनिट का फिल्टर साफ करना जरूरी है। फिल्टर को सावधानी से निकालें, निर्माता के निर्देशों के अनुसार साफ करें और पूरी तरह सूखने के बाद ही वापस लगाएं। प्रदूषण और धूल ज्यादा होने पर इसे नियमित रूप से जांचें। हर दो सप्ताह में सफाई की जरूरत इस्तेमाल और धूल की मात्रा पर निर्भर करेगी। मार्केट में AC के लिए 500 से 1,500 रुपये तक के कुछ ऐड-ऑन फिल्टर भी उपलब्ध हो सकते हैं। NanoClean और Airth जैसे विकल्पों पर विचार करते समय उनकी वास्तविक फिल्ट्रेशन क्षमता, PM2.5 हटाने के दावे और अपने AC के मॉडल के साथ अनुकूलता की जांच करें। गलत या अनुपयुक्त फिल्टर हवा के प्रवाह को कम कर सकता है और AC के प्रदर्शन पर असर डाल सकता है।
अगर घर में प्रदूषण की समस्या गंभीर है, तो ऐसा एयर प्यूरीफायर बेहतर विकल्प हो सकता है जिसकी PM2.5 फिल्ट्रेशन क्षमता और कमरे के आकार के हिसाब से स्वच्छ हवा देने की क्षमता स्पष्ट हो। AC का Fan Mode बड़े धूल कणों को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इससे कमरे की हवा पूरी तरह प्रदूषण-मुक्त होने की गारंटी नहीं मिलती।

