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पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर उठाए कई मुद्दे

JJagmarg Desk
मोदी के दौरे से पहले पंजाब विधानसभा अध्यक्ष ने सिख कैदियों और लंबित निधि का मुद्दा उठाया
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चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कई मुद्दे उठाए जिनमें सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों की रिहाई और लंबित ग्रामीण विकास निधि का मुद्दा शामिल है। संधवां ने यह पत्र प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित जालंधर दौरे से एक दिन पहले भेजा गया।

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मोदी का पंजाब दौरा 

मोदी, जालंधर में 649वीं गुरु रविदास जयंती मनाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान हलवारा हवाई अड्डे के सिविल टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे और आदमपुर हवाई अड्डे का दौरा करेंगे, जहां वह इसे नया नाम देंगे। हवाई अड्डे का नया नाम श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा होगा।

संधवां के पत्र की मुख्य मांगें 

संधवां ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि पंजाब, जो कभी भारत का सबसे समृद्ध राज्य और देश का अन्न भंडार था, केंद्रीय निधियों की लंबित बहाली के कारण आज अभूतपूर्व आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब केंद्रीय निवेश और नीतिगत समर्थन के मामले में उपेक्षित महसूस करता है। संधवां ने बताया कि वित्तीय अधिकारों के हनन और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी कम होने के कारण पंजाब की राजकोषीय स्वायत्तता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है, जिससे संविधान में निहित सच्चे संघवाद की भावना को ठेस पहुंची है। उन्होंने जल संसाधनों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब की नदियों के जल के बंटवारे में भेदभाव के कारण जलस्तर में भारी गिरावट आई है, जिससे कृषि की स्थिरता खतरे में पड़ गई है। संधवां ने ‘बंदी सिंह’ (सिख कैदी) के मामले में कहा कि उन्होंने अपनी पूरी सजा काट ली है लेकिन रिहाई की प्रक्रिया में लंबे समय तक देरी के कारण वे अब भी हिरासत में हैं। उन्होंने लिखा, “निर्धारित सजा से अधिक समय तक हिरासत में रखना गंभीर चिंता का विषय है और न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है।”

प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप का किया अनुरोध

संधवां ने प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप का अनुरोध किया ताकि सजा पूरी कर चुके सभी कैदियों को तुरंत रिहा किया जा सके।

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