Ambala Cantt news: अंबाला कैंट के तोपखाना क्षेत्र में आवारा मवेशियों की बेलगाम मौजूदगी एक बार फिर मासूम बच्चों और राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। बुधवार को इलाके में घटी एक खौफनाक घटना ने स्थानीय निवासियों को दहला कर रख दिया। अपने ही घर के बाहर बेफिक्र घूम रही नौ साल की मासूम बच्ची दो भिड़ती हुई गायों के बीच आ गई। बेकाबू पशुओं की जोरदार टक्कर से बच्ची सड़क पर जा गिरी, जिससे उसका मुंह और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना की शिकार हुई नौ वर्षीय मिशिता अपनी गली में ही मौजूद थी, तभी अचानक दो गायें आपस में लड़ती हुई उसकी तरफ आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब तक बच्ची खुद को संभाल पाती या वहां से भाग पाती, एक गाय ने उसे सीधे और जोर से टक्कर मार दी। इस हादसे में मासूम मिशिता के मुंह पर गहरी चोटें आईं और वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। चीख-पुकार सुनकर दौड़े परिजनों ने आनन-फानन में बच्ची को संभाला और तुरंत अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों को करनी पड़ी मुंह की वायरिंग, परिजनों का फूटा गुस्सा
सिविल अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए त्वरित सर्जरी और इलाज शुरू किया। हादसे का भयानक अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मिशिता के दो दांत मौके पर ही उखड़ कर बाहर गिर गए, जबकि दो अन्य दांत अपनी जगह से पूरी तरह हिल गए। डॉक्टरों ने मुंह के ढांचे और ढीले पड़े दांतों को सहारा देने के लिए जटिल वायरिंग प्रक्रिया (Wiring Procedure) को अंजाम दिया है।
मासूम की माँ मनीषा ने रोते-बिलखते नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा रोष प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि तोपखाना बाजार और आसपास की गलियों में आवारा पशुओं का जमावड़ा बना रहता है, लेकिन शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। मनीषा ने मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे ऐसे बेसहारा व हिंसक पशुओं को तुरंत पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए ताकि किसी और का चिराग इस तरह हादसों का शिकार न बने। इसके साथ ही पीड़ित परिवार ने प्रशासन से बच्ची के इलाज के खर्च का पूरा मुआवजा देने की भी गुहार लगाई है।
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