Haryana Weather: हरियाणा में गुरुवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते कई जिलों में काली घटाएं घिर आईं। अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में अल सुबह गरज-चमक के साथ तेज मूसलाधार बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। वहीं करनाल, पानीपत, यमुनानगर और नारनौल में दिन निकलते ही अंधेरा छा गया। पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही गर्मी और उमस से भले ही लोगों को इस बारिश से राहत मिली हो, लेकिन खेतों और अनाज मंडियों में खुले आसमान तले रखी फसलों पर भारी आफत आन पड़ी है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में मौसम अगले 24 से 48 घंटों तक खराब रह सकता है। विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में कहीं-कहीं ओलावृष्टि (हाफ-ओले) की चेतावनी दी है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली कड़कने के आसार हैं। इसके अलावा दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और जींद में भी गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया गया है।
मंडियों में उठान की धीमी रफ्तार पड़ी भारी, भीगा धान
बारिश की सबसे गाज कैथल और आसपास की अनाज मंडियों पर गिरी है। कैथल मंडी में जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी ढेरों के नीचे भर गया, जिससे धान की बोरियां और खुले में रखे ढेर पूरी तरह भीग गए। मंडी में जलभराव होने से किसानों को उपज के खराब होने और दाम घटने का डर सता रहा है। नमी बढ़ने से न केवल धान की गुणवत्ता प्रभावित होगी, बल्कि मंडियों में उठान का काम भी पूरी तरह ठप पड़ सकता है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो कैथल जिले की मंडियों में अब तक 3,09,220 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। लेकिन खरीद एजेंसियों की ढिलाई का आलम यह है कि महज 1,31,736 मीट्रिक टन धान का ही उठान हो पाया है। फिलहाल लगभग 1.77 लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। प्रशासनिक चेतावनियों के बावजूद तिरपाल और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिरता दिख रहा है।
कल भी बने रहेंगे बारिश के आसार, तापमान में आएगी गिरावट
पानीपत और महेंद्रगढ़ क्षेत्र में सुबह से ही आसमान में घने काले बादल बने हुए थे और बर्फीली हवाएं चल रही थीं। मौसम विभाग की 14 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस (महेंद्रगढ़) तक पहुंच गया था। हालांकि अब बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 16 अक्टूबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मंडियों और खेतों में कटी रखी धान व बाजरे की फसल को तिरपाल से अच्छी तरह ढककर रखें और जल निकासी के रास्ते साफ रखें ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
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