अंबाला। अंबाला में बिजली चोरी और बिल अदायगी में कोताही बरतने वालों पर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) अब उन उपभोक्ताओं को कतई बख्शने के मूड में नहीं है, जो लंबे समय से मुफ्त की बिजली का आनंद ले रहे हैं। विभाग के ताजा आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। फरवरी के अंत तक चालू कनेक्शनों पर बकाया राशि 168 करोड़ रुपये के पहाड़ जैसी थी, जो विभाग की सख्ती के बाद घटकर 75 करोड़ रुपये तो रह गई है, लेकिन अभी भी एक बड़ी रकम वसूलना बाकी है।
40 हजार ‘डिस्कनेक्टेड’ उपभोक्ता रडार पर
बिजली विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन 40,000 उपभोक्ताओं की है, जिनके कनेक्शन बिल न भरने की वजह से पहले ही काटे जा चुके हैं। इन उपभोक्ताओं पर भी करोड़ों रुपये बकाया हैं, जिसे डंप एरियर माना जा रहा है। विभाग अब इन मामलों में केवल कनेक्शन काटने तक सीमित नहीं रहेगा। अंबाला सर्कल के एसई (SE) ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे डिफॉल्टरों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनकी संपत्तियों की जांच भी हो सकती है।
सरकारी महकमों पर भी बकाया, नहीं मिलेगी रियायत
हैरानी की बात यह है कि इस ‘डिफ़ॉल्टर लिस्ट’ में सिर्फ आम आदमी ही नहीं, बल्कि कई रसूखदार सरकारी विभाग भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, कई सरकारी दफ्तरों ने महीनों से अपने बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं। मार्च के अंत तक रिकवरी के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है, जो घर-घर जाकर और दफ्तरों में दबिश देकर बकाया वसूली सुनिश्चित करेंगी।
सख्ती का असर: रिकवरी अभियान में तेजी
पिछले दो-तीन महीनों से चल रहे विशेष अभियान का असर जमीन पर दिखने लगा है। 168 करोड़ से 75 करोड़ तक पहुंचना विभाग की बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, लेकिन अंतिम डेडलाइन करीब आने के साथ ही सख्ती और बढ़ेगी। उपभोक्ताओं को अंतिम चेतावनी दी गई है कि वे बिजली कटने और कानूनी पचड़ों से बचने के लिए तुरंत अपने नजदीकी कैश काउंटर या ऑनलाइन माध्यम से बिल जमा करें। यदि समय रहते भुगतान नहीं किया गया, तो विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के सख्त कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगा।

