Ambala Ram Mandir Dispute: राम मंदिर निर्माण से पहले अंबाला में बवाल, 100 साल पुराना रास्ता बंद करने पर भड़के लोग
राम मंदिर निर्माण से पहले अंबाला में बवाल, 100 साल पुराना रास्ता बंद करने पर भड़के लोग
Ambala Ram Mandir Dispute: अंबाला शहर के प्राचीन राम मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले ही विवाद गहरा गया है। सोमवार को मंदिर तक जाने वाले एक पुराने रास्ते को बंद किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में मोहल्लावासी मौके पर जमा हो गए और नारेबाजी की। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह रास्ता करीब 100 साल पुराना है और आसपास के सैकड़ों परिवारों की दिनचर्या इस रास्ते से जुड़ी है। रास्ता बंद होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को राम मंदिर दर्शन के लिए लंबा चक्कर काटकर मुख्य सड़क से जाना पड़ेगा।
प्रदर्शन कर रहे मोहल्लावासी बलदेव सिंह और नरेंद्र ने स्पष्ट किया कि उन्हें मंदिर के भव्य निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है और पूरा क्षेत्र इसमें सहयोग के लिए तैयार है। हालांकि, उनका कहना है कि करीब 5 फीट चौड़े इस पारंपरिक पैदल रास्ते को किसी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा। इसी रास्ते से कांवड़ यात्रा के कार्यक्रम आयोजित होते हैं और क्षेत्र के 500-600 परिवारों का आवागमन सीधे बस स्टैंड और मुख्य बाजार की ओर होता है।
कॉम्प्लेक्स बनाने की आशंका पर भड़के लोग, ट्रस्टी ने दी सफाई
विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासी पंकज वर्मा ने आरोप लगाया कि जिस जमीन पर निर्माण की योजना है, वहां दशकों पहले एक फैक्ट्री हुआ करती थी। उन्होंने आशंका जताई कि मंदिर निर्माण की आड़ में यहां कोई व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाया जा सकता है, इसलिए जमीन और रास्ते के कागजात सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
दूसरी ओर, मंदिर के केयरटेकर व ट्रस्टी मोहन लाल सैनी ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में किसी भी तरह का कॉम्प्लेक्स बनाने की कोई योजना नहीं है और यदि ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो वह खुद इसका विरोध करेंगे। उन्होंने दावा किया कि जमीन से संबंधित सभी ऐतिहासिक दस्तावेज ट्रस्ट के पास मौजूद हैं, जिन्हें कोई भी देख सकता है।
21 नवंबर को मुख्यमंत्री द्वारा भूमि पूजन प्रस्तावित, पुलिस ने शांत कराया मामला
विवाद की मुख्य वजह बताते हुए ट्रस्टी मोहन लाल सैनी ने कहा कि आगामी 21 नवंबर को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंदिर का भूमि पूजन प्रस्तावित है। इससे पहले निर्माण स्थल की सफाई, सामग्री की डिलीवरी और परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी है। निर्माण सामग्री की चोरी रोकने और असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर अंकुश लगाने के लिए अस्थाई तौर पर गेट लगाए जा रहे हैं, रास्ता हमेशा के लिए बंद नहीं किया जा रहा।
रास्ता रोके जाने को लेकर बढ़ते तनाव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मोहल्लावासियों ने अपनी आपत्तियां रखीं, जिसके बाद ट्रस्टियों और स्थानीय लोगों के बीच वार्ता का दौर जारी है ताकि 21 नवंबर के कार्यक्रम से पहले सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सके।
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