Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Ambala Electricity Dept Protest: अंबाला में बवाल: बिजली चोरी पकड़ने वाले JE का तबादला, कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

AAmandeep Singh
अंबाला में बवाल: बिजली चोरी पकड़ने वाले JE का तबादला, कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

अंबाला। अंबाला में बिजली विभाग और सरकार के बीच टकराव अब सड़कों पर आ गया है। मामला करीब 15 दिन पुराना है, लेकिन इसका क्लाइमेक्स तब हुआ जब एक ड्यूटी के प्रति समर्पित जूनियर इंजीनियर (JE) का रातों-रात तबादला कर दिया गया। इस फैसले से भड़के बिजली कर्मियों ने विभाग के गेट पर ताला जड़कर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि सरकार ईमानदारी से काम करने वालों को प्रोत्साहन देने के बजाय उन्हें प्रताड़ित कर रही है, ताकि रसूखदारों के काले कारनामे दबे रहें।

क्या है पूरा मामला? पार्षद के दखल और वीडियो सबूतों की कहानी

विज्ञापन

यूनियन के नेताओं ने बताया कि JE पवन दहिया अपने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एक घर में बिजली चोरी की जांच करने पहुंचे थे। वहां न केवल कटिया लगा हुआ मिला, बल्कि बिजली चोरी के पुख्ता वीडियो सबूत भी हाथ लगे। कर्मचारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक स्थानीय पार्षद (MC) और कुछ प्रभावशाली लोग मौके पर पहुंच गए।

उन्होंने JE पर दबाव बनाया कि वे उपभोक्ता को बिना किसी जुर्माना या एफआईआर के छोड़ दें। जब पवन दहिया ने अपनी ड्यूटी के साथ समझौता करने से मना कर दिया और नियमानुसार मामला दर्ज किया, तो अगले ही दिन उनके हाथ में शहजादपुर तबादले का फरमान थमा दिया गया।

“तबादला रद्द हो, वरना थमेंगे चक्के”: HSEB वर्कर यूनियन की हुंकार

HSEB वर्कर यूनियन के प्रधान तिलक सिंह ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर एक कर्मचारी का मनोबल तोड़ने वाली कार्रवाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर नियम का पालन करने पर ही तबादले होंगे, तो फील्ड में कर्मचारी चोरी रोकने की हिम्मत कैसे जुटा पाएगा? कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह दो दिन का धरना तो सिर्फ ट्रेलर है। अगर पवन दहिया का तबादला तुरंत प्रभाव से रद्द नहीं किया गया और उन्हें वापस अंबाला तैनात नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में बिजली विभाग का काम ठप कर दिया जाएगा।

रसूख बनाम कानून: कर्मचारियों ने सरकार को घेरा

बिजली कर्मचारियों का कहना है कि सरकार एक तरफ विज्ञापनों में बिजली चोरी को अपराध बताती है, लेकिन जब वही अपराध किसी खास व्यक्ति द्वारा किया जाता है, तो कानून की परिभाषा बदल दी जाती है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि पवन दहिया ने विभाग के राजस्व की रक्षा की थी, न कि कोई व्यक्तिगत दुश्मनी निकाली थी। इस विवाद ने अब सियासी रंग भी लेना शुरू कर दिया है, क्योंकि कर्मचारी सीधे तौर पर सत्ता पक्ष के स्थानीय नेताओं पर उंगली उठा रहे हैं। फिलहाल, विभाग में कामकाज काफी हद तक प्रभावित है और सबकी नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

विज्ञापन

अंबाला की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।