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Ambala Pharma Export Iran: युद्ध का असर अंबाला के फार्मा कारोबार पर, ईरान को दवा सप्लाई ठप

AAmandeep Singh
युद्ध का असर अंबाला के फार्मा कारोबार पर, ईरान को दवा सप्लाई ठप
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अंबाला। हरियाणा के अंबाला का फार्मा कारोबार अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़ा हुआ है, लेकिन मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध ने यहां के निर्यात पर असर डालना शुरू कर दिया है। अंबाला से ईरान भेजी जाने वाली एड्स यानी एंटी रेट्रो वायरल दवाओं के ऑर्डर फिलहाल बंद हो गए हैं। युद्ध के चलते संपर्क टूटने से करोड़ों रुपये का नया टेंडर भी जारी नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय फार्मा उद्योग में चिंता का माहौल है।

अंबाला की एक फार्मा कंपनी से ईरान समेत करीब 50 देशों में एड्स की दवाएं भेजी जाती हैं। इसी कड़ी में हाल ही में दवाओं की सप्लाई के लिए करोड़ों रुपये का नया टेंडर आने वाला था, लेकिन युद्ध के कारण यह प्रक्रिया रुक गई।

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9 साल से ईरान को भेजी जा रही थी दवा

फार्मा उद्योगपति गुरुदेव दत्त छिब्बर ने बताया कि उनकी कंपनी कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एड्स की दवाओं की सप्लाई कर रही है। अमेरिका और इजराइल को छोड़कर करीब 50 देशों में दवाएं भेजी जाती हैं।

छिब्बर के मुताबिक, ईरान को पिछले करीब नौ साल से एंटी रेट्रो वायरल दवाएं निर्यात की जा रही थीं। इस बार भी करोड़ों रुपये का नया टेंडर निकलने वाला था, लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद संपर्क पूरी तरह से टूट गया और प्रक्रिया बीच में ही रुक गई।

हरियाणा के निर्यात कारोबार पर बढ़ी चिंता

अंबाला हरियाणा के उन शहरों में शामिल है जहां से बड़ी मात्रा में फार्मास्युटिकल उत्पाद विदेशों में भेजे जाते हैं। ईरान के साथ व्यापार रुकने से स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक नुकसान का डर है।

फार्मा उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अगर लंबे समय तक हालात ऐसे ही रहे तो निर्यात पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे न सिर्फ कंपनियों के कारोबार पर दबाव आएगा बल्कि फार्मा सेक्टर से जुड़े कर्मचारियों और सप्लाई चेन पर भी असर दिख सकता है।

अंतरराष्ट्रीय हालात से स्थानीय उद्योग प्रभावित

मध्य-पूर्व के हालात अक्सर वैश्विक व्यापार को प्रभावित करते हैं और इसका असर भारत के कई उद्योगों पर पड़ता है। अंबाला जैसे औद्योगिक शहरों के लिए विदेशी ऑर्डर कारोबार का बड़ा हिस्सा होते हैं।

ऐसे में ईरान जैसे बाजार में सप्लाई रुकने से करोड़ों रुपये के व्यापार पर अनिश्चितता बढ़ गई है। उद्योग से जुड़े लोग अब हालात सामान्य होने और व्यापारिक संपर्क बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

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