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APS Dagshai Result 2026: अंबाला का सचकीरत बना लाखों में एक! APS दगशाई प्रवेश परीक्षा में हासिल की शानदार जीत

AAmandeep Singh
अंबाला का सचकीरत बना लाखों में एक! APS दगशाई प्रवेश परीक्षा में हासिल की शानदार जीत
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अंबाला। अंबाला की धरती ने एक बार फिर देश को एक ऐसा होनहार दिया है, जिसके कदमों में आज सफलता की बुलंदियां हैं। शहर के फारूख खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र सचकीरत सिंह ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर प्रतिष्ठित ‘आर्म्स पब्लिक स्कूल, दगशाई’ (हिमाचल प्रदेश) की प्रवेश परीक्षा पास कर ली है। यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि एपीएस दगशाई में सिविलियन कैटेगरी के लिए सीटें ऊंगलियों पर गिनने लायक होती हैं और प्रतिस्पर्धा लाखों की होती है। सचकीरत की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे अंबाला जिले को गौरवान्वित किया है।

सिविल कैटेगरी की कठिन चुनौती को किया पार

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रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले सैनिक स्कूलों और एपीएस दगशाई जैसे संस्थानों में दाखिला लेना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य बचपन से ही बच्चों को एनडीए (NDA) और सेना की अन्य शाखाओं के लिए तैयार करना है। एपीएस दगशाई में हर साल छठी कक्षा में दाखिले के लिए देशभर से लाखों बच्चे परीक्षा देते हैं, जिनमें से सिविल बैकग्राउंड वाले महज 4 से 5 बच्चों का ही चयन हो पाता है। सचकीरत ने इस बेहद संकरी राह को अपनी मेधा से पार कर दिखाया है।

घर में जश्न का माहौल, आंखों में देश सेवा की चमक

जैसे ही सचकीरत के चयन की आधिकारिक सूचना घर पहुंची, परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पिता और माता के लिए यह पल किसी बड़े सपने के सच होने जैसा है। सचकीरत ने बताया कि उसका बचपन से ही सपना है कि वह भारतीय सेना की वर्दी पहनकर देश की सरहदों की रक्षा करे। अब दगशाई स्कूल का अनुशासित माहौल और बेहतरीन शिक्षा उसे उसके इस लक्ष्य के और करीब ले जाएगी। फिलहाल, घर पर रिश्तेदारों और पड़ोसियों का तांता लगा हुआ है और मिठाइयां बांटकर इस बड़ी जीत का जश्न मनाया जा रहा है।

मिसाल बना सचकीरत का संघर्ष

स्कूल के शिक्षकों ने भी सचकीरत की सराहना करते हुए कहा कि वह पढ़ाई में शुरू से ही कुशाग्र रहा है। सिविल बैकग्राउंड से होने के बावजूद सेना के इस प्रतिष्ठित स्कूल में जगह बनाना यह साबित करता है कि यदि इरादे फौलादी हों, तो संसाधनों की कमी या कठिन प्रतिस्पर्धा भी रास्ता नहीं रोक सकती। अब सचकीरत हिमाचल की वादियों में स्थित दगशाई स्कूल के उस कैंपस में अपनी पढ़ाई पूरी करेगा, जहां से निकले छात्र आज देश की सेना में ऊंचे ओहदों पर तैनात हैं।

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