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Ambala Jaundice Outbreak: अंबाला का तोपखाना बना पीलिया का हॉटस्पॉट: दूषित पानी से 12 वर्षीय बच्ची की मौत, 20 से ज्यादा बीमार

GGaganpreet Kaur
अंबाला का तोपखाना बना पीलिया का हॉटस्पॉट: दूषित पानी से 12 वर्षीय बच्ची की मौत, 20 से ज्यादा बीमार
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अंबाला। अंबाला छावनी का तोपखाना क्षेत्र इन दिनों एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है। इलाके के घरों में पिछले कई दिनों से मटमैले और बदबूदार पानी की सप्लाई हो रही थी, जिसे पीने से पूरा इलाका पीलिया की चपेट में आ गया है। इस सरकारी लापरवाही की सबसे भारी कीमत एक परिवार को अपनी 12 साल की मासूम बेटी मन्नत को खोकर चुकानी पड़ी। मन्नत की मौत के बाद से पूरे तोपखाना इलाके में हड़कंप मच गया है। हर घर में इस समय डर का माहौल है, क्योंकि देखते ही देखते पीलिया के मरीजों का आंकड़ा 20 के पार पहुंच चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगभग हर दूसरे घर में कोई न कोई व्यक्ति पेट दर्द, उल्टियां और तेज बुखार से तप रहा है।

पूर्व पार्षद और जनता का फूटा गुस्सा, खड़े किए सवाल

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इस त्रासदी ने स्थानीय प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्र के पूर्व पार्षद राजकुमार उर्फ राजा ने तीखा विरोध जताते हुए कहा कि प्रशासन सो रहा था और जनता गंदा पानी पीने को मजबूर थी। एक बच्ची की जान जाने के बाद अब अफसर जाग रहे हैं, जबकि यह व्यवस्था पहले ही सुधारी जा सकती थी। वहीं, स्थानीय निवासी जगजीत कौर का दर्द भी छलक उठा। उन्होंने बताया कि गंदे पानी के कारण सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग बिस्तर पर पड़ गए हैं। बार-बार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी किसी ने सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा आज पूरा मोहल्ला भुगत रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा, पानी के सैंपल लिए

मासूम की मौत और दर्जनों लोगों के बीमार होने की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमें एम्बुलेंस और जरूरी दवाओं के साथ तोपखाना इलाके में दौड़ पड़ीं। विभाग ने प्रभावित क्षेत्र में ही एक आपातकालीन स्वास्थ्य जांच कैंप स्थापित किया है, जहां घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके साथ ही, जिन पाइपलाइनों से पानी की सप्लाई हो रही थी, वहां से पानी के दर्जनों सैंपल भरकर लैब भेजे गए हैं। चिकित्सा अधिकारियों की प्राथमिकता इस समय संक्रमण की चेन को तोड़ना और नए मामलों को सामने आने से रोकना है।

बर्फ के इस्तेमाल पर रोक, सीएचसी-पीएचसी अलर्ट पर

जांच शिविर की कमान संभाल रहे स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर सुनील हरि ने बताया कि मेडिकल टीमें ग्राउंड पर मुस्तैद हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं। डॉक्टर हरि ने विशेष हिदायत देते हुए कहा कि बाजार में मिलने वाली कमर्शियल बर्फ का इस्तेमाल सीधे खाने-पीने की चीजों में न करें, उसका प्रयोग केवल सामान ठंडा रखने तक ही सीमित रखें। इसके साथ ही अंबाला की सभी सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि किसी भी पॉकेट से पीलिया के 5 से अधिक केस रिपोर्ट होते हैं, तो वहां तुरंत इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर पानी की जांच कराई जाए।

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