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Ambala News: अंबाला में सफाई कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार, सात दिन से सड़कों पर सड़ रहा 210 टन कूड़ा

GGaganpreet Kaur
अंबाला में सफाई कर्मियों की हड़ताल से हाहाकार, सात दिन से सड़कों पर सड़ रहा 210 टन कूड़ा
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अंबाला। हरियाणा के अंबाला ट्विनसिटी  के हालात सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते बद से बदतर होते जा रहे हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर शुरू हुई इस हड़ताल को आज सातवां दिन बीत गया है, लेकिन समाधान की कोई राह नजर नहीं आ रही। आलम यह है कि अंबाला कैंट से रोजाना निकलने वाला 110 टन और सिटी क्षेत्र का 100 टन कचरा अब सड़कों, चौक-चौराहों और मुख्य बाजारों के मुहाने पर जमा है। प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं और शहर की फिजा में घुली भीषण दुर्गंध ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।

बाजारों का बुरा हाल, दुकानदारों पर दोहरी मार

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शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों और व्यस्त बाजारों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। दुकानदारों का कहना है कि कूड़ा न उठने से दुकानों के ठीक सामने कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं। इससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि भीषण बदबू के कारण ग्राहक दुकानों के पास रुकने को तैयार नहीं हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई दुकानदार अपनी जेब से पैसे देकर प्राइवेट सफाई कर्मियों की मदद ले रहे हैं, लेकिन वे निजी कर्मचारी भी कूड़ा उठाकर शहर के दूसरे कोनों या मुख्य सड़कों पर ही डंप कर रहे हैं, जिससे समस्या सुलझने के बजाय और उलझ गई है।

सड़कों पर बेसहारा गोवंश का डेरा, संक्रामक रोगों की आहट

स्थानीय निवासी सविंदर सिंह और राजेश कुमार ने बताया कि सड़कों पर पड़े कूड़े के ढेर अब बेसहारा गोवंश और आवारा कुत्तों की शरणस्थली बन गए हैं। कचरे को बिखेरने से न केवल ट्रैफिक बाधित हो रहा है, बल्कि राहगीरों के लिए वहां से गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कर्मचारियों के साथ वार्ता कर जल्द समाधान नहीं निकाला, तो बढ़ती गर्मी के बीच संक्रामक बीमारियां फैलने में देर नहीं लगेगी।

मांगों पर अड़े कर्मचारी, सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी

उधर, नगर परिषद अंबाला सदर में कर्मचारियों का धरना वीरवार को भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहा। सेवाराम बोहत की अध्यक्षता में एकजुट हुए सफाई कर्मियों ने मुख्य बाजारों में रोष मार्च निकाला और सरकार विरोधी नारे लगाए। जिला प्रधान बीरपाल और सुनील ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब तक सरकार उनकी लंबित मांगों पर स्थायी मुहर नहीं लगाती, तब तक न झाड़ू उठेगी और न ही कचरा प्रबंधन की गाड़ियां चलेंगी। कर्मचारियों के इस सख्त रुख ने नगर निगम और नगर परिषद की कार्यप्रणाली को पूरी तरह ठप कर दिया है।

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