Amritsar Flight Diverted: अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास रविवार देर रात संदिग्ध ड्रोन दिखाई देने से हवाई यातायात प्रभावित हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट पर रनवे ऑपरेशंस रोक दिए गए। इसके चलते अमृतसर पहुंचने वाली तीन उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। अचानक हुए इस बदलाव से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए और उन्होंने जानकारी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। प्रभावित उड़ानों में दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-855, मुंबई से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E-5028 और कुआलालंपुर से आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-118 शामिल थीं।
एयर इंडिया की फ्लाइट को वापस दिल्ली भेजा गया, जबकि इंडिगो की उड़ान को चंडीगढ़ और मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट किया गया। यात्रियों का कहना था कि उड़ानों में अचानक बदलाव होने के बाद उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई भी अधिकारी उनसे बात करने को तैयार नहीं था। इस वजह से एयरपोर्ट पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, रात करीब 10:30 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने की जानकारी सामने आई।
रात 9:30 बजे CISF जवानों ने देखे दो से तीन ड्रोन
जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 9:30 बजे एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने परिसर और आसपास के आसमान में दो से तीन ड्रोन उड़ते देखे। जवानों ने तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और एहतियातन रनवे ऑपरेशंस रोक दिए गए। एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन दिखाई देने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनती हैं, क्योंकि इससे विमानों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ऐसे मामलों में हवाई यातायात रोकने या उड़ानों का मार्ग बदलने जैसे फैसले यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। हालांकि, रविवार रात दिखाई दिए ड्रोन किसके थे और उन्हें किस उद्देश्य से उड़ाया जा रहा था, इसकी पुष्टि सामने आई जानकारी में नहीं हुई है। अमृतसर में एम-16 राइफल और 15 किलो अफीम के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार
सितंबर में भी 7 उड़ानों को करना पड़ा था डायवर्ट
अमृतसर एयरपोर्ट पर ड्रोन गतिविधि से हवाई यातायात प्रभावित होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 6 सितंबर को भी एयरपोर्ट के रनवे और ऑपरेशनल एरिया के पास संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिए थे। उस दिन रात करीब 9:40 से 9:50 बजे के बीच आसमान में ड्रोन उड़ते देखे गए थे। इसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट का संचालन करीब डेढ़ घंटे यानी 90 मिनट तक रोक दिया गया था।
उस घटना के दौरान अमृतसर आने वाली सात कमर्शियल उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा था। इनमें मलेशिया एयरलाइंस, एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें शामिल थीं। इन विमानों को दिल्ली और चंडीगढ़ भेजा गया था। उड़ानों के डायवर्जन से यात्रियों को परेशानी हुई थी और एयरपोर्ट के सामान्य संचालन पर भी असर पड़ा था। सितंबर की घटना के बाद पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में सामने आया था कि ड्रोन किसी सुरक्षा चूक या जासूसी गतिविधि से जुड़े नहीं थे। शुरुआती जांच के अनुसार, एयरपोर्ट के पास स्थित एक गांव में चल रहे खेल टूर्नामेंट के दौरान ड्रोन उड़ाए जा रहे थे। हालांकि, रविवार रात की घटना को लेकर ऐसी कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।
विमान से जुड़ी अन्य घटनाएं भी चर्चा में रहीं
पंजाब और चंडीगढ़ क्षेत्र में हाल के समय में विमानन से जुड़ी कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। इनमें तकनीकी खराबी के कारण उड़ान का रास्ता बदलना, विमान में धुआं उठना और सैन्य विमान की दुर्घटना या एहतियाती लैंडिंग जैसी घटनाएं शामिल हैं। करीब दो महीने पहले दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट के पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने की जानकारी सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की एयर ट्रैफिक अथॉरिटी ने विमान को चेतावनी देकर वापस भेजा। विमान के अमृतसर लौटने तक एयरपोर्ट पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण उसे वापस दिल्ली भेज दिया गया था। अधिकारियों ने तकनीकी खराबी को रास्ता भटकने की वजह बताया था।
6 मई 2026 को हैदराबाद से चंडीगढ़ पहुंची इंडिगो की फ्लाइट 6E 108 के लैंड करने के बाद केबिन के पिछले हिस्से में धुआं भर गया था। जांच में एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट होने की बात सामने आई थी। यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड के जरिए बाहर निकाला गया। इस दौरान पांच से छह यात्रियों के घायल होने की जानकारी दी गई थी, जिनमें एक महिला के पैर में फ्रैक्चर हुआ था। 7 मई 2025 की रात बठिंडा जिले के अकलियां कलां गांव में एक सैन्य विमान गेहूं के खेतों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान गिरने के बाद उसमें आग लग गई थी। हादसे में दो नागरिकों की मौत हो गई और नौ अन्य घायल हुए थे। पायलट सुरक्षित इजेक्ट करने में कामयाब रहा था। वहीं, 13 जून 2025 को तकनीकी खराबी के कारण भारतीय वायु सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को पठानकोट जिले के एक गांव के खुले खेतों में एहतियातन उतारना पड़ा था। इस घटना में हेलीकॉप्टर और चालक दल सुरक्षित रहे थे तथा किसी नुकसान की सूचना नहीं थी।
यात्रियों को उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह
अमृतसर एयरपोर्ट पर रविवार रात हुई घटना के बाद प्रभावित यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति और नए समय की जानकारी संबंधित एयरलाइन से लेने की जरूरत है। उड़ान का मार्ग बदलने या संचालन रोकने की स्थिति में यात्रियों को एयरलाइन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर आगे की यात्रा की योजना बनानी चाहिए। रविवार रात दिखाई दिए संदिग्ध ड्रोन को लेकर जांच का अंतिम नतीजा सामने आने के बाद ही उनकी पहचान और गतिविधि के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

