बॉलीवुड। करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी और विवेक सोनी के निर्देशन में तैयार कॉलेज रोमांस ड्रामा फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ बीते 22 मई को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। फिल्म में अनन्या पांडे और नवोदित अभिनेता लक्ष्य मुख्य किरदारों में हैं। फिल्म को रिलीज हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं कि इसके एक विशिष्ट डांस सीन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इंटरनेट पर फिल्म की एक छोटी सी वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें अनन्या पांडे पारंपरिक भरतनाट्यम के साथ मॉडर्न कन्टेंपररी स्टेप्स मिलाकर डांस करती दिख रही हैं। इसी ‘फ्यूजन’ प्रयोग को लेकर अब कला प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स ने मोर्चा खोल दिया है।
“भरतनाट्यम को बंधक बना लिया गया” – कला और राजनीति से उठे तीखे सवाल
इस डांस सीक्वेंस को लेकर केवल आम यूजर्स ही नहीं, बल्कि नामचीन हस्तियां भी नाराजगी जाहिर कर रही हैं। खुद बचपन से भरतनाट्यम की बारीकियां सीख चुकीं कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने साफ लहजे में लिखा, “अनन्या पांडे ने मेरे पसंदीदा डांस फॉर्म भरतनाट्यम का कबाड़ा कर दिया है। इस शास्त्रीय नृत्य को साधने में बरसों का वक्त लगता है, इसे चंद दिनों में यूं ही तैयार नहीं किया जा सकता। कृपया इस खूबसूरत कला का अपमान न करें।” इस विवाद में तब और वजन आ गया जब देश की मशहूर क्लासिकल डांसर अनीता रत्नम ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस परफॉर्मेंस को देखकर ऐसा महसूस होता है मानो भरतनाट्यम को बंधक बना लिया गया हो।
असिस्टेंट कोरियोग्राफर ने खोला मोर्चा, एक्ट्रेस के समर्पण को सराहा
चौतरफा आलोचनाओं और तीखी ट्रोलिंग के बीच हालांकि फिल्म की टीम अनन्या के समर्थन में खड़ी नजर आ रही है। भले ही खुद अनन्या पांडे या निर्देशक विवेक सोनी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान न दिया हो, लेकिन फिल्म की असिस्टेंट कोरियोग्राफर अनन्या कुरुप ने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। उन्होंने फिल्म के बिहाइंड-द-सीन (BTS) वीडियो और क्रेडिट रोल के स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, “अनन्या पांडे के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। उन्होंने इस कठिन डांस फॉर्म की बारीकियों को सीखने के लिए दिन-रात एक किया था। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस बेहतरीन है।” इसके साथ ही इंटरनेट पर अनन्या के फैंस भी उनके बचाव में तर्क दे रहे हैं कि फिल्म की स्क्रिप्ट के मुताबिक यह कोई शुद्ध शास्त्रीय नृत्य नहीं, बल्कि महज एक कॉलेज फ्यूजन रूटीन था, जिसे इसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।

