Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे उनके माता-पिता को गुरुवार तड़के करीब 3:45 बजे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करीब दो घंटे बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस ने CRPF के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और अन्य कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। सभी प्रदर्शनकारियों को तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
अंकिता का परिवार दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध कर रहा है। परिवार लंबे समय से इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाता रहा है। परिवार की मांग है कि उनकी नियुक्ति रद्द की जाए। हालांकि, संबंधित VIP की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। इससे पहले 14 अक्टूबर की शाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचे थे। दोनों करीब एक घंटे तक वहां रुके। राहुल गांधी ने अंकिता के पिता से बातचीत की और उनके कंधे पर हाथ रखा। प्रियंका गांधी ने अंकिता की मां को गले लगाया और उन्हें पानी पिलाया।
पिता बोले- नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो फिर सड़कों पर उतरेंगे
हिरासत में लिए जाने के बाद अंकिता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला तो देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार की सबसे पहली मांग दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करना है। पिता ने चेतावनी दी कि अगर नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो परिवार फिर से सड़कों पर उतरकर विरोध करेगा। अंकिता की मां ने भी कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें धरना देने की अनुमति नहीं दी गई तो वे अपने घर में भूख हड़ताल करेंगी। CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता इस तरह के व्यवहार के हकदार नहीं हैं और यह सभी के लिए शर्म की बात होनी चाहिए।
2022 में हुई थी अंकिता की हत्या, तीन दोषियों को उम्रकैद
अंकिता भंडारी उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। उनकी 18 सितंबर 2022 को हत्या हुई थी। छह दिन बाद, 24 सितंबर 2022 को उनका शव चिल्ला नहर से बरामद किया गया। मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। कोटद्वार में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों को हत्या, सबूत मिटाने और अन्य आरोपों में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद अंकिता के परिवार की ओर से मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और कथित VIP की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। परिवार अब दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द करने और अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए विरोध कर रहा है। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने सुनाई हिरासत की आपबीती, आदिरा बोलीं- बेसमेंट में पीटा

