Mahendragarh News: स्थानीय आर्य समाज मंदिर प्रांगण में आर्य समाज महेंद्रगढ़ एवं वेद प्रचार मंडल जिला महेंद्रगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय भव्य आर्य महासम्मेलन का अत्यंत उत्साह और आध्यात्मिक माहौल के साथ शुभारंभ हुआ।
इस दो दिवसीय धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत 100 कुंडीय महायज्ञ के साथ हुई, जिसके ब्रह्मत्व का दायित्व प्रख्यात आचार्य प्रद्युम्न महाराज ने संभाला, जबकि यज्ञ पुरोहित की भूमिका वेदपाल शास्त्री ने निभाई।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र की अध्यक्षता वेद प्रचार मंडल के जिला प्रधान धर्मवीर सिंह आर्य (खातौली) ने की। इस पावन अवसर पर महेंद्रगढ़ के विधायक कंवर सिंह यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और यज्ञ में आहुतियां डालकर क्षेत्र व समाज की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

विधायक कंवर सिंह यादव ने दिए वैदिक विचार
मुख्य अतिथि विधायक कंवर सिंह यादव ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य समाज की मूल शिक्षाएं हमें हमेशा सत्य, धर्म, सदाचार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि समाज से कुरीतियों को मिटाने, शिक्षा के प्रचार-प्रसार तथा वैदिक संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने में आर्य समाज का योगदान अतुलनीय है।

आर्य समाज की विचारधारा आज की युवा पीढ़ी को संस्कारवान और राष्ट्र के प्रति जागरूक बनाने में बेहद सहायक सिद्ध हो रही है। उन्होंने आर्य समाज के विस्तार और उन्नति के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करने का पूर्ण आश्वासन दिया।
बच्चों की प्रस्तुतियों और ओजस्वी कविताओं ने मोहा मन
यज्ञ और सम्मेलन के दौरान नेशनल मॉडल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने संस्कृत, अंग्रेजी और हिंदी तीनों भाषाओं में उत्कृष्ट मंच संचालन (एंकरिंग) कर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया और सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अतिरिक्त, विधि आर्या और आस्था आर्या ने अपनी ओजस्वी कविताओं के माध्यम से महर्षि दयानंद सरस्वती का गुणगान किया और वैदिक मान्यताओं के प्रचार-प्रसार से लोगों में नई सामाजिक चेतना जगाई।
वैदिक विद्वानों और संतों के प्रवचनों से गूंजा पंडाल
सम्मेलन के दौरान वैदिक प्रवक्ता आचार्य अनुज शास्त्री और मंत्री डॉ. विक्रांत डागर ने योग दर्शन व ईश्वर के सत्य स्वरूप की विस्तृत व्याख्या की। भगवत भक्ति आश्रम (दडोली) से पधारे प्रखर संन्यासी स्वामी समर्पणानंद सरस्वती और गुरुकुल भुसावर से आईं डॉ. प्रियंका आर्या ने अपने ओजस्वी व मधुर वचनों से उपस्थित श्रोताओं को तृप्त कर दिया।
भजनोपदेशक उमेद सिंह निराला, महाशय बंसीराम कलवाड़ी और महाशय राजेंद्र सिंह ‘तूफान’ ने मनमोहक भजनों के जरिए पूरे वातावरण को वेदमय बना दिया। कार्यक्रम के अंत में ब्रह्मदत्त (जेई) और बहरोड निवासी रामानंद (प्रधान) को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए ‘वरिष्ठ वैदिक गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
अंत में आचार्य प्रद्युम्न के आशीर्वाद के बाद आर्य समाज के प्रधान पंडित भूपेंद्र सिंह आर्य ने सभी का आभार व्यक्त किया और उपस्थित जनसमूह को वेदमार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर अभाविप हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद शास्त्री भी मौजूद रहे।
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