Narnaul : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से वन स्टॉप सेंटर में आज दहेज निषेध कानून को लेकर कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य बनाम अजमल बेग मामले में जारी ऐतिहासिक दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आम जनमानस को जागरूक करना, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ वैधानिक जानकारी देना तथा जिला महेंद्रगढ़ के तहत नियुक्त दहेज निषेध अधिकारियों के संपर्क विवरण सार्वजनिक कर प्रसारित करना है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नीलम कुमारी ने मौके पर पहुंचकर शिविर की व्यवस्थाओं और गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून के तहत दहेज मांगना और देना दोनों ही संगीन एवं दंडनीय कानूनी अपराध हैं।
उन्होंने माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित महिलाएं बिना किसी डर अथवा संकोच के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती हैं। किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता अथवा मार्गदर्शन के लिए वे संबंधित दहेज निषेध अधिकारियों और सहायता केंद्रों से बेझिझक संपर्क कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्टेट ऑफ यूपी बनाम अजमल बेग केस में संपूर्ण देश के भीतर दहेज प्रथा के विरुद्ध व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने और प्रत्येक क्षेत्र में नियुक्त दहेज निषेध अधिकारियों के संपर्क विवरण आम जनता के बीच प्रसारित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसी श्रृंखला में नारनौल डीएलएसए द्वारा यह विशेष कदम उठाया गया।
आम जनता की सुविधा, त्वरित कार्रवाई तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को सहज बनाने के लिए जिला में संबंधित उपमंडल अधिकारियों को दहेज निषेध अधिकारी के रूप में नामित कर उनकी सूची एवं विवरण जारी किए गए हैं।
नारनौल उपमंडल के लिए एसडीएम गुरविंदर सिंह, महेंद्रगढ़ उपमंडल के लिए एसडीएम योगेश सैनी, कनीना उपमंडल के लिए एसडीएम जितेंद्र सिंह तथा नांगल चौधरी उपमंडल के लिए एसडीएम उदय सिंह को नामित किया गया है।
सीजेएम ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कहीं भी दहेज उत्पीड़न या मांग से जुड़ा कोई भी मामला सामने आता है, तो वे तुरंत अपने क्षेत्र के संबंधित दहेज निषेध अधिकारी से संपर्क करें।
इसके अतिरिक्त, पीड़ित व्यक्ति या उनके प्रतिनिधि किसी भी प्रकार की निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए न्यायिक परिसर नारनौल स्थित एडीआर सेंटर के हेल्पलाइन नंबर 01282-250322 पर संपर्क साध सकते हैं।
इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर प्रशासक वंदना यादव, पैनल अधिवक्ता गिरिबाला तथा पैरा लीगल वालंटियर रेखा मौजूद थी।
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