Bahujan Ekta Morcha : चंडीगढ़ में बहुजन समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने और बिखरे हुए धड़ों को एक मंच पर लाने के लिए सोमवार को ‘बहुजन एकता मोर्चा (अंबेडकरवादी)’ का आधिकारिक ऐलान किया गया।
सेक्टर 27 स्थित चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोर्चा के नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक दलों पर गंभीर सवाल उठाए और समाज के हक की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल, पारंपरिक दलों पर तीखा हमला
बहुजन समाज की घटती राजनीतिक हिस्सेदारी और हाशिए पर जा रही आवाज़ को लेकर अंबेडकरवादी संगठनों ने अब सीधे मैदान में उतरने का फैसला किया है। मोर्चा के पदाधिकारियों का साफ कहना है कि देश और राज्यों की मौजूदा सियासी पार्टियां बहुजन समाज की वास्तविक उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने अपनी मर्जी से ऐसे नेताओं को समाज पर थोप दिया है जो जमीनी स्तर पर जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। इसी कमी को दूर करने के लिए इस मोर्चे का गठन किया गया है ताकि एक मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार किया जा सके।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार रहेंगी मुख्य प्राथमिकताएं
बहुजन एकता मोर्चा ने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति सिर्फ सत्ता हासिल करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह आम जनता के बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित होगी। मोर्चे के एजेंडे में प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : समाज के हर वर्ग के बच्चों के लिए समान और उच्च स्तर की शिक्षा सुनिश्चित करना।
- स्वास्थ्य सेवाएं : नए अस्पतालों का निर्माण और आधुनिक तकनीक से लैस चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराना।
- रोजगार सृजन : पब्लिक और प्राइवेट दोनों ही सेक्टरों में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना।
- संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता : संविधान की मूल भावना और उसके बेसिक स्ट्रक्चर की रक्षा करना, तथा सीबीआई और ईडी जैसी संस्थाओं के निष्पक्ष कामकाज को बढ़ावा देना।
समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की राह खुली
मोर्चा ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे केवल अकेले चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नीला झंडा और अंबेडकरवादी विचारधारा को मानने वाले अन्य राजनीतिक दलों और संगठनों के साथ मिलकर एक बड़ा गठबंधन भी बनाएंगे। उनका उद्देश्य बहुजन समाज को वैचारिक रूप से एकजुट करना और आने वाले चुनावी मैदान में मजबूत ताकत के रूप में उभरना है।

