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Barnala News: बरनाला की मार्केट कमेटियों के सफाई टेंडरों में बड़ा उलटफेर: दरों के अंतर ने खड़े किए गंभीर सवाल

VVinita Kohli
Barnala News: बरनाला की मार्केट कमेटियों के सफाई टेंडरों में बड़ा उलटफेर: दरों के अंतर ने खड़े किए गंभीर सवाल
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बरनाला: जिला बरनाला की पांच मार्केट कमेटियों बरनाला, महल कलां, तपा, भदौड़ और धनौला में अनाज मंडियों की साफ-सफाई के लिए हुई टेंडर प्रक्रिया इस समय पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन अलग-अलग मार्किट कमेटियों में ठेकेदारों द्वारा भरी गई दरों (रेट) के भारी अंतर ने विभागीय पारदर्शिता और ‘निष्पक्ष टेंडर प्रक्रिया’ के दावों पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। हैरान करने वाले तथ्य यह है कि जिले की चार मार्किट कमेटियों में ठेकेदारों ने सरकारी दरों की तुलना में आधे से भी कम रेट पर काम करने की सहमति जताई है। 

मार्केट कमेटी महल कलां के सचिव डीन पाल के अनुसार, वहां टेंडर सबसे अधिक 62 प्रतिशत कम दर पर हुआ है। इसी तरह धनौला के सचिव मनप्रीत सिंह ने 58.92 प्रतिशत और तपा व भदौड़ के सचिव हरदीप सिंह ने क्रमशः 52 प्रतिशत और 50 प्रतिशत कम रेट आने की पुष्टि की है। इन आंकड़ों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रतिस्पर्धा सही हो, तो सरकारी खजाने की बड़ी बचत हो सकती है। दूसरी ओर जिले की सबसे महत्वपूर्ण ‘मार्केट कमेटी बरनाला’ में तस्वीर बिल्कुल उलट है। यहाँ ठेकेदारों द्वारा भरा गया रेट महज 8 प्रतिशत कम है। जानकारों और विशेषज्ञों का कहना है कि जब जिले की ही पड़ोसी कमेटियों में ठेकेदार 60 प्रतिशत कम रेट पर काम करने को तैयार हैं, तो बरनाला में सिर्फ 8 प्रतिशत का अंतर रहना किसी बड़े ‘पूल’ या राजनीतिक संरक्षण की ओर इशारा करता है। 

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चर्चा है कि क्या बरनाला में जानबूझकर प्रतिस्पर्धा खत्म करके किसी खास पक्ष को फायदा पहुँचाने की कोशिश की गई है? जिला मंडी अधिकारी बरिंदर सिंह ने इस मामले पर कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह ‘ऑनलाइन’ और पारदर्शी है। उन्होंने दावा किया कि सारी कार्यवाही विभागीय नियमों के अनुसार ही अमल में लाई जा रही है। अब सभी की निगाहें बरनाला मार्केट कमेटी के अगले फैसले पर टिकी हैं कि क्या विभाग ठेकेदारों के ‘पूल’ को तोड़कर पारदर्शिता दिखाएगा या फिर बरनाला मंडी का टेंडर महंगी दरों पर ही संपन्न होगा। यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। पूरे इलाके के लोग इस मामले पर पैनी नजर रख रहे हैं।

बरनाला का टेंडर पेंडिंग, क्या 50-60 प्रतिशत कम होगा रेट?

इस विवाद के चलते मार्केट कमेटी बरनाला का टेंडर फिलहाल पेंडिंग (लंबित) रख दिया गया है। सचिव जसमनप्रीत सिंह द्वारा संबंधित ठेकेदार को एक पत्र जारी कर रेट और कम करने के लिए कहा गया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ 15-20 प्रतिशत तक की ‘खानापूर्ति’ होगी या फिर अन्य कमेटियों की तरह दरों को 50-60 प्रतिशत तक नीचे लाकर सरकारी पैसे की वास्तविक बचत की जाएगी।

विभागीय ‘खानापूर्ति’ और सार्वजनिक धन की बर्बादी सवालों के घेरे में

सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जहाँ जिले की बाकी चार कमेटियों में ठेकेदारों ने सरकारी खजाने के लाखों रुपये बचाए हैं, वहीं बरनाला मार्केट कमेटी में महज 8 प्रतिशत की ‘मामूली’ छूट ने कई संदेह पैदा कर दिए हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि विभाग ने सिर्फ 15-20 प्रतिशत रेट घटाकर इस टेंडर को हरी झंडी दे दी, तो यह अन्य कमेटियों में 50-60 प्रतिशत कम रेट पर काम करने वाले ठेकेदारों के साथ भी मजाक होगा और सरकारी पारदर्शिता के दावों की हवा निकल जाएगी। अब देखना यह होगा कि उच्च अधिकारी बरनाला के इस ‘खास’ टेंडर पर कोई सख्त स्टैंड लेते हैं या फिर राजनीतिक दबाव में इसे ‘गोल-मोल’ करके रफा-दफा कर दिया जाएगा।

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