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2021 से 2025 के बीच 8,189 करोड़ रुपये साइबर अपराधियों से बचाए गए : सरकार

JJagmarg Desk
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नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को राज्यसभा को बताया कि पिछले चार वर्ष में दर्ज 23.61 लाख से अधिक मामलों में 8,189 करोड़ रुपये साइबर चोरी होने से बचा लिए गए। गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि मंत्रालय द्वारा शुरू की गई नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (सीएफसीएफआरएमएस) पर 2021 से 2025 तक 23.61 लाख से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं।


लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री ने कहा

उन्होंने कहा कि सीएफसीएफआरएमएस, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के तहत, वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग और जालसाजों द्वारा धन की हेराफेरी को रोकने के लिए 2021 में शुरू किया गया था। 31 दिसंबर 2025 तक, 23.61 लाख से अधिक शिकायतों में 8,189 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय राशि बचाई गई है। मंत्री ने कहा कि साइबर संबंधी शिकायतें दर्ज कराने में नागरिकों की सहायता के लिए पोर्टल के साथ-साथ टोल-फ्री नंबर 1930 साइबर हेल्पलाइन भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने 31 दिसंबर 2025 तक 12.21 लाख से अधिक सिम कार्ड और 3.03 लाख आईएमईआई नंबर ब्लॉक कर दिए हैं।

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मंत्री ने निवारक उपायों के बारे में कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों के सहयोग से सितंबर 2024 में शुरू की गई ‘संदिग्ध रजिस्ट्री’ ने संदिग्ध लेन-देन को रोकने में मदद की है। उन्होंने कहा कि बैंकों से प्राप्त 21.65 लाख से अधिक संदिग्ध पहचानकर्ताओं का डेटा और 26.48 लाख संदिग्ध खातों की जानकारी सहभागी संस्थाओं के साथ साझा की गई है और 9,055.27 करोड़ रुपये के लेन-देन को अस्वीकार कर दिया गया है। मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में बताया कि दो जनवरी को एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई थी, जो राष्ट्रीय पोर्टलों के माध्यम से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों के निपटान के लिए ‘‘एक समान, पीड़ित-केंद्रित ढांचा” प्रदान करती है। उन्होंने ‘एनसीआरबी’ के नवीनतम आंकड़ों का भी हवाला दिया, जिसके अनुसार साइबर अपराधों के तहत धोखाधड़ी के मामलों की संख्या 2021 में 14,007 से बढ़कर 2023 में 19,466 हो गई है।

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