Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Manisha Murder Bhiwani: भिवानी की मनीषा मर्डर मिस्ट्री: सीबीआई की चुप्पी से नाराज ग्रामीणों की आज बड़ी महापंचायत

AAmandeep Singh
भिवानी की मनीषा मर्डर मिस्ट्री: सीबीआई की चुप्पी से नाराज ग्रामीणों की आज बड़ी महापंचायत
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले का ढाणी लक्ष्मण गांव एक बार फिर सुर्खियों में है। शिक्षिका मनीषा की मौत के रहस्य से पर्दा उठाने में हो रही देरी को लेकर आज रविवार को गांव की चौपाल पर एक बड़ी पंचायत बुलाई गई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा इंसाफ की सुस्त रफ्तार के खिलाफ आंदोलन की अगली कमान संभालना है। ग्रामीणों का कहना है कि भिवानी तक निकाली गई पैदल आक्रोश यात्रा के समय सरकार और जांच एजेंसियों को जो समय दिया गया था, उसकी समय-सीमा अब बिल्कुल नजदीक आ चुकी है। ऐसे में चुप बैठने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

कॉलेज दाखिले की बात कहकर निकली थी मनीषा

विज्ञापन

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत पिछले साल 11 अगस्त 2025 को हुई थी। रोज की तरह ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली मनीषा अपने घर से प्ले स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के लिए निकली थी। स्कूल के बाद उसने परिजनों को बताया था कि वह कॉलेज में दाखिले की औपचारिकताएं पूरी करने जा रही है। लेकिन शाम ढलने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तो परिजनों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिस को गुमशुदगी की इत्तला दी गई, मगर दो दिन बाद 13 अगस्त को गांव के ही खेतों में मनीषा का शव बरामद हुआ। पुलिस ने इसे पहली नजर में खुदकुशी का मामला करार दिया, जिसे मानने से परिवार ने साफ इनकार कर दिया।

खापों के दबाव के बाद सीबीआई को मिला था जिम्मा

मनीषा की मौत के तरीके और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए इलाके की विभिन्न खाप पंचायतें परिवार के समर्थन में उतर आई थीं। चौतरफा दबाव और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को समझा और तफ्तीश केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी। सीबीआई की टीम ने पिछले साल 3 सितंबर 2025 को ही गांव पहुंचकर सारे साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए थे और गवाहों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए थे।

24 मई के अल्टीमेटम पर टिकी सबकी नजरें

हादसे को बीते महीनों का वक्त गुजर चुका है, लेकिन सीबीआई की केस डायरी में अब तक क्या दर्ज हुआ है और जांच की सुई किस तरफ घूम रही है, इसकी भनक किसी को नहीं है। इसी रहस्यमयी चुप्पी से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है। आज की पंचायत में मुख्य रूप से 24 मई को होने वाले बड़े जन-आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। आज तय होने वाली रणनीति के आधार पर ही 24 मई की महापंचायत में यह बड़ा फैसला लिया जाएगा कि जांच एजेंसी को जगाने के लिए अगला कदम क्या होगा।

विज्ञापन

भिवानी की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।