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Sarita Assistant Professor Bhiwani: भिवानी की बहू सरिता बनी सहायक प्रोफेसर, एक ही साल में दो राजपत्रित पदों पर चयन

AAmandeep Singh
भिवानी की बहू सरिता बनी सहायक प्रोफेसर, एक ही साल में दो राजपत्रित पदों पर चयन
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भिवानी। हरियाणा के भिवानी जिले से शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक खबर सामने आई है। भिवानी के गांव मुंढाल की बहू सरिता का चयन सहायक प्रोफेसर के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरिता की मेहनत और लगन ने यह साबित किया है कि लगातार प्रयास करने से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धि को क्षेत्र की बेटियों और बहुओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

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एक ही साल में दो राजपत्रित पदों पर चयन

सरिता की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वर्ष 2025 में ही उनका चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के माध्यम से PGT भूगोल के पद पर हुआ था। अब सहायक प्रोफेसर के पद पर चयन के साथ उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है।

एक ही साल में दो राजपत्रित पदों पर चयन होने से परिवार और गांव के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांव के युवाओं को भी पढ़ाई के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।

परिवार और पति के सहयोग को दिया श्रेय

सरिता ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और ससुराल पक्ष को दिया है। उन्होंने खास तौर पर अपने पति विकास के सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार के समर्थन से ही यह उपलब्धि हासिल हो सकी है।

सरिता ने कहा कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। उनके अनुसार घरवालों का साथ किसी भी बड़ी उपलब्धि को हासिल करने में सबसे बड़ी ताकत बनता है।

रोज 7-8 घंटे पढ़ाई से मिली सफलता

सरिता ने अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने लगातार मेहनत की और रोज करीब 7 से 8 घंटे पढ़ाई की। उनका कहना है कि अगर पढ़ाई को चरणबद्ध तरीके से किया जाए तो लक्ष्य हासिल करना आसान हो जाता है।

उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि निरंतर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। अगर व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत करता है तो एक दिन सफलता जरूर मिलती है।

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