Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

हवाई अड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाएं 2025 में बढ़कर 1,782 हुईं: मंत्री

JJagmarg Desk
हवाई अड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाएं 2025 में बढ़कर 1,782 हुईं: मंत्री
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

नई दिल्ली: सरकार ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को बताया कि देश के हवाई अड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की घटनाओं की संख्या 2024 के 1,278 से बढ़कर पिछले साल 1,782 हो गईं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डों पर वन्यजीवों से होने वाले संभावित खतरे से निपटने के लिए नियम बनाये हैं और दिशानिर्देश जारी किये हैं। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा एक प्रश्न के लिखित उत्तर में साझा किये गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में देश के हवाई अड्डों पर विमानों से पक्षियों के टकराने की 6,337 घटनाएं हुईं।

पिछले साल इस तरह की घटनाओं की संख्या 1,782 थी, जबकि 2024 में यह संख्या 1,278 थी। वहीं, 2023 में यह संख्या 1,371 और 2022 में 1,131 तथा 2021 में 775 थी। लाइसेंस प्राप्त हवाई अड्डों के संचालकों ने वन्यजीव जोखिम प्रबंधन योजना के साथ-साथ पक्षियों के टकराने की घटनाओं के मुख्य कारणों का पता लगाने के लिए प्रक्रियाएं तैयार की हैं। अन्य प्रयासों के अलावा, हवाई अड्डों पर वन्यजीवों से उत्पन्न होने वाले खतरों के स्रोत की पहचान करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के वास्ते एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समितियां गठित की गई हैं।

विज्ञापन

राजनीति की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।