BKU Tikait Kaithal protest: हरियाणा के कैथल जिले में धान खरीद सीजन की शुरुआत के साथ ही व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। मंडियों में फसल की खरीद और उठान में हो रही भारी देरी से आक्रोशित किसानों ने शनिवार को सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी और प्रांतीय आह्वान पर सैकड़ों किसान सुबह से ही स्थानीय बीजेपी कार्यालय के बाहर इकट्ठा होना शुरू हो गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने रोष प्रदर्शन किया और अंत में मुख्यमंत्री व कृषि मंत्री का पुतला फूंककर अपनी नाराजगी जाहिर की।
पुलिस बल रहा मुस्तैद, किसानों से पांच गुना ज्यादा दिखी फोर्स
इस प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली ने की। प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प नजारा यह देखने को मिला कि जितने किसान विरोध जताने पहुंचे थे, उससे करीब पांच गुना अधिक संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। स्थानीय थाना कर्मचारियों के अलावा सीआईए और एसडीयू (SDU) जैसी विशेष सुरक्षा टीमें भी किसानों को रोकने और कानून व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर मुस्तैद नजर आईं। भारी सुरक्षा घेरे के बीच किसानों ने प्रशासन और सरकार विरोधी नारे लगाए।
औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर हैं अन्नदाता
भाकियू टिकैत ग्रुप के प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोंवाली, जीया लाल, जसबीर सिंह और गुरनाम सिंह ने मीडिया से बातचीत में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। किसान नेताओं का कहना था कि इस समय मंडियों में किसानों की गाढ़ी कमाई का धान औने-पौने दामों में बिक रहा है। सरकार के तमाम दावों के बावजूद किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऊपर से मंडियों में समय पर धान का उठान न होने के कारण बारदाना और जगह की भारी किल्लत बनी हुई है।
बरसात से बर्बाद हुई फसल, 500 रुपए प्रति क्विंटल मुआवजे की मांग
किसान नेताओं ने कुदरत की मार का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बरसात ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसल को नुकसान तो हुआ ही है, मंडियों में खुले आसमान के नीचे खुले में पड़ी धान की लाखों मीट्रिक टन फसल भी पूरी तरह भीग गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने कड़े शब्दों में मांग की है कि बरसात के कारण भीगे हुए धान पर सरकार तुरंत 500 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से विशेष मुआवजा दे, ताकि अन्नदाता को इस संकट से उबारा जा सके।
यह भी पढ़ें– कैथल के बाबा लदाना डेरे में सजने लगा 3 दिवसीय ऐतिहासिक मेला, नए महंत की देखरेख में होगी तैयारी

