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Breaking: चंडीगढ़ मार्केट कमेटी कार्यालय में शराब पीते मिले 4 कर्मचारी, SDM ने रेड कर पकड़े, अभी तक कोई कार्यवाही नहीं

VVinita Kohli
Breaking: चंडीगढ़ मार्केट कमेटी कार्यालय में शराब पीते मिले 4 कर्मचारी, SDM ने रेड कर पकड़े, अभी तक कोई कार्यवाही नहीं
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों के शराब पीने के आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। मामला 27 मई को हुई एक रेड से जुड़ा है, जिसका खुलासा अब सामने आया है। मार्केट कमेटी की प्रशासक एवं एसडीएम (ईस्ट) खुशप्रीत कौर ने शिकायतों के आधार पर कार्यालय में निरीक्षण किया था। आरोप है कि रेड के दौरान चार कर्मचारी कार्यालय परिसर में शराब का सेवन करते पाए गए। हालांकि घटना के कई दिन बाद भी किसी कर्मचारी के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई है।

शिकायत के आधार पर की गई थी रेड

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जानकारी के अनुसार सेक्टर-26 की अनाज मंडी से जुड़े कुछ लोगों ने मार्केट कमेटी के अस्थायी कार्यालय में कथित अनियमितताओं और अनुचित गतिविधियों की शिकायत की थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसडीएम (ईस्ट) खुशप्रीत कौर ने अचानक निरीक्षण किया। रेड के दौरान अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य जुटाए। प्रशासन के अनुसार पूरे घटनाक्रम की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी करवाई गई ताकि जांच प्रक्रिया में तथ्यों का सत्यापन किया जा सके। शिकायतकर्ता का दावा है कि निरीक्षण के दौरान चार कर्मचारी ड्यूटी के समय शराब पीते हुए मिले। आरोपों में मंडी सुपरवाइजर गुरमिंदर सिंह, कंडामैन अमित मोर, ऑक्शन रिकॉर्डर करमबीर सिंह और क्लर्क बलजिंदर सिंह के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी कर्मचारी को दोषी घोषित नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।

मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार

एसडीएम खुशप्रीत कौर के अनुसार रेड के बाद संबंधित कर्मचारियों को मेडिकल जांच के लिए सेक्टर-16 अस्पताल भेजा गया था। प्रशासन का कहना है कि किसी भी विभागीय कार्रवाई से पहले मेडिकल रिपोर्ट का आना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट मिलने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और मेडिकल निष्कर्षों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

मामले में नया विवाद तब सामने आया जब शिकायतकर्ता ने प्रशासन को भेजी गई शिकायत में एक कर्मचारी पर धमकी देने का आरोप लगाया। शिकायत के अनुसार एक कर्मचारी ने फोन कर कथित रूप से गाली-गलौज की और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे शराब पीने के मामले में हुई शिकायत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद उसे और उसके परिवार को धमकियां दी गईं, जिससे परिवार में भय का माहौल बन गया।

शिकायतकर्ता ने चंडीगढ़ प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और संबंधित विभागों को ईमेल भेजकर सुरक्षा की मांग की है। उसका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारियों के पास भेजी गई शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को सौंपे जाने की प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच की दिशा और संभावित विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के अधीन है। मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी और शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही साबित होते हैं।।

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