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Breaking: पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला युवक गिरफ्तारी के बाद एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया

VVinita Kohli
Breaking: पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला युवक गिरफ्तारी के बाद एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ में स्थित पंजाब सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। चंडीगढ़ पुलिस ने पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर सचिवालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा संदेश भेजने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरव बिस्वास के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की जांच बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत की जा रही है।

पुलिस जांच के अनुसार पंजाब सिविल सचिवालय की आधिकारिक ईमेल आईडी पर बम धमाके की धमकी वाला ईमेल प्राप्त हुआ था। ईमेल मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस प्रशासन में सतर्कता बढ़ा दी गई थी। चंडीगढ़ और पंजाब के महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में से एक सचिवालय को मिली धमकी को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की गई। अधिकारियों ने ईमेल की उत्पत्ति और तकनीकी विवरण जुटाने के लिए साइबर जांच टीमों को सक्रिय किया।

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पश्चिम बंगाल से आरोपी तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि धमकी भरा ईमेल पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के पल्ली बाजार, गोबिंद पल्ली निवासी सौरव बिस्वास द्वारा भेजा गया था। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग की मदद से आरोपी का पता लगाया। ईमेल ट्रैकिंग, आईपी डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ शुरू कर दी।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच अभी बाकी है और आरोपी से विस्तृत पूछताछ की आवश्यकता है। अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड अवधि के दौरान जांच अधिकारी धमकी भरे ईमेल के पीछे की पूरी साजिश और उद्देश्य का पता लगाने का प्रयास करेंगे।

मोबाइल और लैपटॉप की हो रही फोरेंसिक जांच

पुलिस फिलहाल आरोपी के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि धमकी वाला ईमेल किस डिवाइस से भेजा गया और इसके लिए किस इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग किया गया। डिजिटल फोरेंसिक टीम यह भी जांच रही है कि ईमेल भेजने से पहले या बाद में आरोपी ने किन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या संपर्कों का इस्तेमाल किया। जांच में प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक डेटा मामले के महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकते हैं।

चंडीगढ़ पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने ऐसा ईमेल क्यों भेजा। जांच का प्रमुख फोकस यह समझना है कि यह केवल शरारत थी, किसी तरह का दबाव बनाने का प्रयास था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य मौजूद था। अधिकारियों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने यह काम अकेले किया या उसे किसी अन्य व्यक्ति ने उकसाया अथवा सहयोग दिया। फिलहाल किसी बड़े नेटवर्क की पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।

पहले भी कई संस्थानों को मिल चुकी हैं धमकियां

चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को ईमेल या अन्य माध्यमों से बम धमाकों की धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें सरकारी और निजी स्कूल, पासपोर्ट कार्यालय, पंजाब सचिवालय, जिला अदालत, सेक्टर-17 बस स्टैंड, नगर निगम कार्यालय तथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जैसे संस्थान शामिल रहे हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई जांच में अब तक अधिकांश मामलों में कोई विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। कई मामलों में धमकियां फर्जी या अफवाह साबित हुईं, लेकिन सुरक्षा कारणों से हर सूचना को गंभीरता से लेकर जांच की जाती है।

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