BSF Punjab Police Drug seizur : भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों ने तस्करों के एक और नापाक प्रयास को पूरी तरह विफल कर दिया है। सीमा पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों के जरिए भारतीय सीमा में भेजी गई नशीली पदार्थों की एक बड़ी खेप को बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बरामद कर लिया है।
सरहद पर लगातार बढ़ रही इस तरह की गतिविधियों के बीच सुरक्षाबलों की यह कामयाबी एक बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि इतनी भारी मात्रा में नशे का पहुंचना इलाके की शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता था।
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल, की गई पूरे इलाके की घेराबंदी
ऑपरेशन के बारे में जानकारी साझा करते हुए सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि गुरदासपुर सेक्टर की बीएसएफ 200 बटालियन और थाना डेरा बाबा नानक पुलिस को पुख्ता खुफिया इनपुट मिले थे। सूचना में यह बताया गया था कि पाकिस्तान की ओर से तस्करों ने भारतीय सीमा के अंदर प्रतिबंधित सामान गिराया है, जिसे सुनियोजित तरीके से एक सरहदी गांव के खेतों में छिपाकर रखा गया है।
सूचना मिलते ही दोनों सुरक्षा एजेंसियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत रणनीति बनाई और सीमावर्ती गांव तलवंडी हिंदुआं को चारों तरफ से घेरकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया।
खेतों की छानबीन के दौरान हाथ लगी सफलता
तलाशी के दौरान जब जवानों ने गांव के खेतों और झाड़ियों की चप्पे-चप्पे पर छानबीन की, तो उन्हें जमीन में छिपाकर रखे गए पैकेट मिल गए। सुरक्षाबलों ने जब उन संदिग्ध पैकेटों को खोला, तो उनके भीतर का सामान देखकर होश उड़ गए। बरामद खेप का वजन करने पर सामने आया कि उसमें तीन किलोग्राम से अधिक उच्च गुणवत्ता की हेरोइन और एक किलोग्राम से ज्यादा अफीम मौजूद थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, तस्करों के नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
घटना की गंभीरता को भांपते हुए बीएसएफ और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे हालात का जायजा लिया। इस पूरे मामले पर बात करते हुए थाना डेरा बाबा नानक के एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि नशीले पदार्थों को अपने कब्जे में लेकर अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि सरहद पार से यह खेप किसके इशारे पर भेजी गई थी और पंजाब के भीतर इसे किस स्थानीय तस्कर तक पहुंचाया जाना था। सुरक्षा एजेंसियां इस सिंडिकेट से जुड़े हर चेहरे को बेनकाब करने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

