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Chandigarh News: ट्राईसिटी में आज 6 घंटे प्रभावित रहेंगी कैब सेवाएं, किराया बढ़ाने की मांग को लेकर ड्राइवरों का आंदोलन

VVinita Kohli
Chandigarh News: ट्राईसिटी में आज 6 घंटे प्रभावित रहेंगी कैब सेवाएं, किराया बढ़ाने की मांग को लेकर ड्राइवरों का आंदोलन
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चंडीगढ़: चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में सफर करने वाले हजारों यात्रियों को आज से 16 जून तक अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एप आधारित कैब सेवाओं से जुड़े ड्राइवरों ने किराया दरों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलन के तहत ओला, उबर और इनड्राइव से जुड़े चालक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक सवारी नहीं उठाएंगे। इस निर्णय का असर ट्राईसिटी क्षेत्र में रोजाना यात्रा करने वाले करीब 50 हजार यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। गर्मी के मौसम में लोगों को सार्वजनिक परिवहन और अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ सकता है।

कैब ड्राइवरों का कहना है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2025 में उनके लिए 25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर निर्धारित की थी। इसके बाद पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी हुई, लेकिन किराया संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया। ड्राइवरों का दावा है कि बढ़ती परिचालन लागत के कारण मौजूदा किराया दरों पर काम करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

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35 रुपये प्रति किलोमीटर किराया करने की मांग

कैब चालक संगठनों की मुख्य मांग किराया दर में संशोधन है। वर्तमान में प्रशासन की ओर से 25 रुपये प्रति किलोमीटर का किराया निर्धारित है, जबकि ड्राइवर इसे बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि के साथ वाहन रखरखाव, बीमा, टैक्स और अन्य खर्चों में भी लगातार इजाफा हुआ है। ऐसे में मौजूदा दरों पर आर्थिक संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।

ट्राईसिटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग रोजाना कार्यालय, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और अन्य कार्यों के लिए कैब सेवाओं का उपयोग करते हैं। आंदोलन के दौरान सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कैब उपलब्धता सीमित रह सकती है। विशेष रूप से कार्यालय समय और दोपहर के व्यस्त घंटों में यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ सकती है। इससे बस स्टैंड, ऑटो स्टैंड और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की संभावना है।

सीटीयू बसें बनेंगी प्रमुख विकल्प

चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) ट्राईसिटी क्षेत्र में लगभग 65 से 70 लोकल और सब-अर्बन रूटों पर बस सेवाएं संचालित करती है। ये बसें चंडीगढ़ के अधिकांश सेक्टरों को मोहाली और पंचकूला के प्रमुख इलाकों से जोड़ती हैं। सीटीयू की बसें पीजीआई, जीएमसीएच-32, रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी-17 और आईएसबीटी-43 जैसे प्रमुख केंद्रों तक नियमित सेवाएं प्रदान करती हैं। कैब सेवाओं में व्यवधान के दौरान यात्रियों के लिए यह सबसे सुलभ विकल्प माना जा रहा है।

मोहाली और पंचकूला के यात्रियों को भी होगी दिक्कत

आंदोलन का असर केवल चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। मोहाली और पंचकूला से चंडीगढ़ आने-जाने वाले यात्रियों को भी यात्रा के दौरान अतिरिक्त समय और असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। विशेषकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल और व्यावसायिक केंद्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को यात्रा की योजना पहले से बनाकर चलने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन और ड्राइवर संगठनों के बीच बातचीत पर सभी की नजर रहेगी।

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