CBI Raid Bhagwant Mann Camp Office : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के कैंप कार्यालय पर सीबीआई की छापेमारी के बाद चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मुख्यमंत्री मान ने इस कार्रवाई को भारतीय जनता पार्टी की बौखलाहट बताते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब सरकार के जनहितकारी कार्यों का मुकाबला नहीं कर पा रही है, इसलिए अब केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक हथियार बनाकर मैदान में उतार दिया है।
पंजाबियों को डराने की कोशिश, सीबीआई रेड पर भगवंत मान का बड़ा हमला
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट कहा कि भाजपा ने हमेशा से पंजाब और पंजाबियों के अधिकारों के साथ धक्का किया है। उन्होंने बताया कि सूबे की जनता से मिल रहे प्यार से भाजपा बुरी तरह घबरा गई है। आगामी चुनावों से ठीक पहले चुनी हुई राज्य सरकार के नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए ही ईडी और सीबीआई जैसी स्वतंत्र संस्थाओं को पंजाब के राजनीतिक अखाड़े में धकेला गया है।
2027 चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, एजेंसियों का दुरुपयोग चरम पर
इस कार्रवाई को भाजपा के चुनावी अभियान की हताश शुरुआत करार देते हुए भगवंत मान ने कहा कि जांच एजेंसियों को संवैधानिक दायरे में निष्पक्ष काम करना चाहिए। किसी सरकार की छवि खराब करने के लिए प्रतिशोध की राजनीति लंबे समय तक नहीं चलती। मान ने दोटुक शब्दों में कहा कि ऐसी डराने वाली हरकतों से उनकी सरकार जनसेवा के संकल्प से पीछे हटने वाली नहीं है।
सड़क से संसद तक लड़ेंगे लड़ाई, कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा का ऐलान
सीबीआई कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई का इंतजार किए बिना यह रेड डाली गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के तीन करोड़ लोग सीना ठोककर भगवंत मान के साथ खड़े हैं। आम आदमी पार्टी भाजपा के इन नापाक इरादों को कामयाब नहीं होने देगी और इस मनमानी के खिलाफ सड़क से संसद तक निर्णायक लड़ाई लड़ेगी।
जमीनी धरातल खो चुकी है भाजपा, आप अध्यक्ष अमन अरोड़ा का तंज
आप के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि इस छापेमारी से भाजपा का 2027 चुनाव कैंपेन उजागर हो गया है। पौने पांच साल के शासनकाल में मान सरकार द्वारा किए गए अभूतपूर्व कामों से विपक्षी दल पूरी तरह असहज हैं। अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के लोग स्वाभिमानी हैं और वे किसी भी तरह की धक्केशाही का जवाब हमेशा अपने राजनीतिक जनादेश से देना जानते हैं।

