हरियाणा। हरियाणा के प्रशासनिक गलियारों के लिए रविवार की रात भारी उथल-पुथल वाली रही। भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में एक साथ दस्तक दी। जांच एजेंसी की यह कार्रवाई हरियाणा सरकार के आठ और चंडीगढ़ प्रशासन के दो महत्वपूर्ण विभागों में हुए सरकारी धन के कथित गबन से जुड़ी है। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक जांच अधिकारियों ने वीवीआईपी इलाकों में स्थित अफसरों की कोठियों को अपने घेरे में ले लिया था।
राडार पर आए ये बड़े नाम, नोएडा तक जुड़े तार
सीबीआई की इस बड़ी कार्रवाई की जद में हरियाणा के कई रसूखदार नौकरशाह आए हैं। एजेंसी ने आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल, मोहम्मद शाइन, प्रदीप कुमार और आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव के सरकारी व निजी आवासों पर सघन तलाशी ली। इस मामले के तार सिर्फ चंडीगढ़ या पंचकूला तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि इसका एक सिरा दिल्ली से सटे नोएडा की एक निजी कंसल्टेंसी कंपनी से भी जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने नोएडा स्थित ‘मेसर्स विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड’ और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर भी समानांतर छापेमारी कर रिकॉर्ड खंगाले।
बैंक अफसरों से सांठगांठ और सरकारी खजाने में सेंध
सीबीआई के हाथ लगी शुरुआती जानकारियों और प्राथमिक जांच के मुताबिक, इन आला अफसरों ने कुछ बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर एक बड़ा नेक्सस (गठजोड़) तैयार किया था। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर कई ऐसे बैंक खाते खुलवाए गए, जिनकी आड़ में सरकारी विभागों के फंड को डाइवर्ट किया गया। इन अवैध और संदिग्ध खातों के जरिए करोड़ों रुपये के सरकारी पैसे को दूसरे निजी खातों में ट्रांसफर करने का खेल खेला जा रहा था। सीबीआई अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि इस पूरे ट्रांजैक्शन के खेल में इन अफसरों को सीधे तौर पर क्या फायदा या कमीशन मिला।
लैपटॉप, मोबाइल और गुप्त दस्तावेज खंगाल रही सीबीआई
देर रात शुरू हुई यह कार्रवाई अलसुबह तक जारी रही। इस दौरान सीबीआई की टीमों ने संबंधित अधिकारियों के कमरों, अलमारियों और लॉकरों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान हाथ लगे कई अहम वित्तीय दस्तावेज, बैंक पासबुक, अधिकारियों के निजी मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को सीबीआई ने तत्काल प्रभाव से सील कर अपने कब्जे में ले लिया है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से इन डिजिटल उपकरणों के डिलीट किए गए डेटा और चैट को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है, जिससे इस घालमेल की पूरी क्रोनोलॉजी सामने आ सके।

