Chandigarh Cleanliness: चंडीगढ़ को स्वच्छ और हरित शहर बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इसी कड़ी में NMIMS यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने शुक्रवार को मेयर सौरभ जोशी से मुलाकात की। बैठक में आगामी यूथ कॉन्फ्रेंस को लेकर चर्चा हुई, जिसमें शहर की सफाई व्यवस्था, कचरे के सही प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर विचार किया जाएगा। बैठक के दौरान विद्यार्थियों ने कचरे को उसके स्रोत पर ही अलग-अलग करने, उसके उचित निपटान और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने से जुड़े सुझाव साझा किए। चर्चा का उद्देश्य युवाओं के विचारों को शहर की नागरिक समस्याओं से जोड़ना और ऐसी पहल तलाशना है, जिन्हें जमीन पर लागू किया जा सके।
आगामी यूथ कॉन्फ्रेंस में कचरा प्रबंधन को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें कचरे को शुरुआत में ही अलग-अलग करने और उसके उचित निपटान की जरूरत पर चर्चा होगी। इससे लोगों को घरों और अन्य स्थानों पर कचरे को अलग रखने के लिए प्रेरित करने तथा सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के उपाय तलाशने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों ने बैठक में पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल शुरू करने और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के सुझाव भी दिए। शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी को जरूरी माना गया। सम्मेलन में विद्यार्थियों को नागरिक समस्याओं पर अपने विचार रखने और कचरा प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक समाधान तलाशने का अवसर मिलेगा। कई दिनों से पड़ा था कचरा, टूटी मिलीं फुटपाथ की टाइलें; सेक्टर-8 से किशनगढ़ तक निरीक्षण, गृह सचिव ने अफसरों से मांगा जवाब
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि युवाओं में समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की ऊर्जा, रचनात्मकता और क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनी दिनचर्या में अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। जोशी ने कहा कि कचरा प्रबंधन केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। युवाओं और विद्यार्थियों के सहयोग से स्वच्छता अभियान को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। शहर में कचरे को सही तरीके से अलग करने, निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उसका निपटान करने और आसपास सफाई बनाए रखने में नागरिकों की भूमिका अहम है।
इस यूथ कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों और नगर निगम के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इसके जरिए विद्यार्थियों के विचारों को शहर की जरूरतों से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी सुझावों को जमीन पर उतारने की दिशा में काम किया जाएगा। चंडीगढ़ जैसे शहरी क्षेत्र में कचरे का सही प्रबंधन केवल सफाई कर्मचारियों या नगर निगम के प्रयासों से नहीं हो सकता। घरों, बाजारों और संस्थानों में कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करना भी जरूरी है। युवाओं की भागीदारी से इस बारे में जागरूकता बढ़ाने और लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझाने में मदद मिल सकती है। आगामी सम्मेलन में इसी तरह के उपायों पर चर्चा कर शहर को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
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