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Chandigarh News: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के मैदानों में निखरेंगे खिलाड़ी, 2000 बच्चों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म

VVinita Kohli
Chandigarh News: चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के मैदानों में निखरेंगे खिलाड़ी, 2000 बच्चों को मिलेगा नया प्लेटफॉर्म
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चंडीगढ़: शहर में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नई पहल की है। अब सरकारी स्कूलों के मैदानों का उपयोग खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए किया जाएगा। विभाग ने 32 सरकारी स्कूलों के ग्राउंड्स को विभिन्न स्पोर्ट्स एसोसिएशनों के साथ जोड़ने की योजना बनाई है, जिसके तहत स्कूल समय के बाद इन मैदानों में नियमित रूप से खेल गतिविधियां और ट्रेनिंग आयोजित की जाएंगी। इस पहल से शुरुआती चरण में करीब 2000 बच्चों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा विभाग ने इस योजना के तहत 5 एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किए थे, जिसके जवाब में अलग-अलग स्पोर्ट्स एसोसिएशनों से 11 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। विभाग इन प्रस्तावों को जल्द अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्कूलों में मौजूद खेल सुविधाओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा, जो अभी तक कोच और संसाधनों की कमी के कारण पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पा रही थीं। दरअसल, शहर के कई सरकारी स्कूलों में पहले से ही खेल मैदान और कोर्ट उपलब्ध हैं, जहां फुटबॉल, क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स जैसी गतिविधियां आसानी से करवाई जा सकती हैं। लेकिन प्रशिक्षित कोच की कमी के चलते ये सुविधाएं सीमित रह जाती थीं। अब स्पोर्ट्स एसोसिएशनों के जुड़ने से बच्चों को पेशेवर ट्रेनिंग मिलेगी और उनके खेल कौशल को बेहतर दिशा मिल सकेगी।

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प्रशासक के निर्देश पर तैयार हुआ मॉडल

यह योजना चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया के निर्देशों के बाद तैयार की गई है। उन्होंने शिक्षा और खेल विभाग को स्पष्ट तौर पर कहा था कि स्कूलों के मैदानों का उपयोग छुट्टी के बाद भी किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को खेलों से जोड़ा जा सके। इसी के तहत साझेदारी का यह मॉडल तैयार किया गया है, जिसमें अलग-अलग स्कूलों के मैदानों को विभिन्न खेलों के अनुसार चिन्हित किया गया है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से शहर में खेल संस्कृति को मजबूती मिलेगी और बच्चों को शुरुआती स्तर पर ही प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिल सकेगी। इससे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होने की संभावना भी बढ़ेगी। अगर योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में इसे और अधिक स्कूलों तक विस्तारित किया जा सकता है। फिलहाल, शहर के हजारों बच्चों के लिए यह पहल खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म साबित हो सकती है।

अलग-अलग स्कूलों में मिलेगी अलग खेलों की ट्रेनिंग

योजना के अनुसार, शहर के अलग-अलग स्कूलों में विभिन्न खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी। जैसे सेक्टर-16, 23, 33 और 41 के स्कूलों में लॉन टेनिस, सेक्टर-26, 32, 19, 23 और 40 में क्रिकेट, सेक्टर-23ए में एथलेटिक्स और बैडमिंटन, जबकि अन्य स्कूलों में बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और शतरंज जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। इससे खिलाड़ियों को अपने नजदीक ही अभ्यास का अवसर मिलेगा और उन्हें बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा। ईओआई की शर्तों के अनुसार, संबंधित स्पोर्ट्स एसोसिएशन कोच और ट्रेनर उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मैदानों की देखरेख भी करेंगी। 

इसके अलावा वे आधुनिक खेल उपकरण भी उपलब्ध कराएंगी और बच्चों को पेशेवर स्तर की ट्रेनिंग देंगी। अलग-अलग स्तर पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी, जिससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जा सके।  हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब ऐसी कोशिश की जा रही है। इससे पहले 2008 और 2013 में भी इसी तरह की पहल की गई थी, लेकिन उस समय अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी थी। इस बार विभाग ने बेहतर योजना और निगरानी के साथ इसे लागू करने की तैयारी की है, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके और शहर को नए खिलाड़ी मिल सकें।

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