छात्राओं ने आरोप लगाया कि संस्थान की कैंटीन में घटिया और अस्वच्छ खाना परोसा जा रहा है। कई बार खाने में कीड़े मिलने का भी दावा किया गया है। उनका कहना है कि परिसर में इस्तेमाल किए गए सैनिटरी नैपकिन के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था नहीं है और अब तक पहचान पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। मेडिकल रूम और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा नहीं होने से आपात स्थिति में भी परेशानी हो सकती है।
छात्राओं ने छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिलने और अपनी समस्याएं उठाने पर कुछ शिक्षकों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। छात्राओं ने प्रबंधन से सभी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।
छात्राओं के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से संस्थान में पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। वाटर कूलर की सफाई नहीं होने के कारण उन्हें बंद कर दिया गया है। ऐसे में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। निशा, ममता, प्रिया, अंजलि और खुशबू समेत कई छात्राओं ने हस्ताक्षर कर प्रिंसिपल को लिखित शिकायत सौंपी है। छात्राओं का कहना है कि उन्हें नल का पानी पीने के लिए कहा जा रहा है, जबकि वे स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल की नियमित व्यवस्था चाहती हैं। संस्थान के प्रिंसिपल इंजीनियर राजन डोगरा ने बताया कि छात्राओं की समस्याओं के संबंध में इंजीनियरिंग विभाग को कई महीने पहले ही लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने परिसर की सफाई व्यवस्था को सही बताया। साथ ही कहा कि नल से मिलने वाला पानी स्वच्छ है और संस्थान के स्टाफ समेत अन्य सदस्य भी इसी पानी का इस्तेमाल करते हैं। स्वच्छ चंडीगढ़ के लिए आगे आएंगे युवा; मेयर से मिले एनएमआईएमएस यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी

