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Mustard Price Haryana: चरखी दादरी मंडी अपडेट: एमएसपी से ₹500 ऊपर बिक रही सरसों, सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा

AAmandeep Singh
चरखी दादरी मंडी अपडेट: एमएसपी से ₹500 ऊपर बिक रही सरसों, सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा
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चरखी। चरखी दादरी जिले में सरसों की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हुए दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अनाज मंडी के फर्श अभी भी खाली पड़े हैं। दरअसल, इस बार ‘काले सोने’ यानी सरसों ने सरकारी तंत्र को पछाड़ दिया है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी और बाजार भाव के बीच करीब ₹500 का बड़ा फासला है। किसान अच्छी तरह जानते हैं कि सरकारी पोर्टल की पेचीदगियों और नमी के माप-तोल से बचने के साथ-साथ उन्हें बाहर नकद और बेहतर दाम मिल रहे हैं। यही कारण है कि मंडी में केवल वही किसान इक्का-दुक्का पहुंच रहे हैं, जिन्हें घरेलू जरूरतों के लिए तुरंत नकदी की दरकार है।

स्टॉक करने की होड़: क्या और बढ़ेंगे दाम?

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ग्राउंड जीरो पर किसानों से बातचीत करने पर एक नई प्रवृत्ति सामने आई है। अधिकांश बड़े और मध्यम दर्जे के किसान अपनी फसल को तुरंत बेचने के बजाय ‘स्टॉक’ करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। किसानों का मानना है कि आने वाले महीनों में खाद्य तेलों की मांग और वैश्विक स्थितियों के चलते सरसों के दाम अभी और चढ़ सकते हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार आवक कम होने से मंडियों के आढ़ती भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

प्रशासन की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: मिलों और गोदामों पर पहरा

बाजार में बढ़ती हलचल के बीच मार्केट कमेटी और जिला प्रशासन ने भी कमर कस ली है। मार्केट कमेटी के सचिव विजय कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि तेल मिलों की रैंडम चेकिंग के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रशासन को अंदेशा है कि ऊंचे मुनाफे के चक्कर में निजी व्यापारी अवैध भंडारण कर सकते हैं या बिना मार्केट फीस चुकाए खरीद-फरोख्त कर सकते हैं।

“टैक्स चोरी की तो खैर नहीं”

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई तेल मिल या व्यापारी बिना गेट पास या बिना रिकॉर्ड के सरसों खरीदते पाया गया, तो उस पर भारी मार्केट फीस के साथ-साथ जीएसटी और तगड़ा जुर्माना ठोका जाएगा। इसके लिए उड़न दस्तों को भी सक्रिय कर दिया गया है। फिलहाल, मंडी प्रशासन केवल आवक बढ़ने का इंतजार कर रहा है, लेकिन मौजूदा रुख को देखते हुए लगता है कि इस बार सरकारी लक्ष्य को हासिल करना एक बड़ी चुनौती साबित होगा।

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