CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से पहले शुक्रवार को राजनीतिक और सुरक्षा गतिविधियां तेज हो गईं। दिल्ली पुलिस पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के झंडेवालान स्थित उस बंगले पर पहुंची, जहां उनके ठहरे होने की जानकारी दी गई है। उन्हें हिरासत में लिए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस की कार्रवाई को लेकर अभी किसी अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है।
अभिजीत दीपके ने गुरुवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपनी गिरफ्तारी की आशंका जताई थी। उनकी पार्टी ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आशुतोष रांका तथा सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के विरोध में प्रदर्शन करना चाहती है।
कनॉट प्लेस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 28 हजार जवान तैनात
रैली को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन क्षेत्रों में 6,000 पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 22,000 जवानों की तैनाती की गई है। इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से साफ है कि प्रशासन इस आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सतर्क है। इन इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 भी लागू है। यह प्रावधान संबंधित परिस्थितियों में लोगों की आवाजाही या जमावड़े पर प्रतिबंध लगाने वाले आदेश जारी करने की अनुमति देता है। ऐसे में रैली में शामिल होने के लिए कनॉट प्लेस जाने वाले लोगों को इलाके में लागू प्रशासनिक आदेशों और सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान रखना होगा।
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने भी कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है। परिषद ने पार्क बंद करने की स्पष्ट वजह नहीं बताई है। रैली के आयोजन और पार्क बंद रखने के फैसले के बीच लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि संबंधित क्षेत्र में प्रवेश और आवाजाही को लेकर क्या व्यवस्था लागू रहती है।
अभिजीत दीपके बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान नहीं
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का बचाव करते हुए कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से कारोबार को नुकसान नहीं होता। उनके मुताबिक, शहर बंद कराने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगाने से व्यापार और आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी के अहिंसा के रास्ते पर चलती है। उन्होंने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में पार्टी की ओर से किए गए प्रदर्शनों को शांतिपूर्ण बताया। उनके इस बयान के बीच दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिबंध चर्चा में हैं।
दीपके ने दावा किया कि जयपुर में उन पर हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने जवाबी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना, अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करना और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगना अराजकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र का हिस्सा है। पार्टी की रैली के पीछे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और आशुतोष रांका तथा सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने का विरोध प्रमुख मुद्दे हैं। हालांकि, रैली के दौरान क्या स्थिति बनती है, यह सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक आदेशों और प्रदर्शनकारियों के जुटने पर निर्भर करेगा।
दशहरे पर 30 फीट ऊंचे कॉकरोच के पुतले का होगा दहन
दिल्ली में कॉकरोच का नाम इन दिनों एक अलग वजह से भी चर्चा में है। पीतमपुरा में इस दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के साथ 30 फीट ऊंचे कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। श्री केशव रामलीला समिति ने स्वच्छता का संदेश देने के लिए यह पहल की है। समिति के मुताबिक, कॉकरोच का पुतला गंदगी और मैल का प्रतीक होगा। इसके जरिए लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाएगी। रामलीला में कॉकरोच को रावण की सेना के असुरों के रूप में दिखाया जाएगा और फिर उनका दहन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष और भाजपा विधायक अशोक गोयल ने कहा कि इस पहल का मकसद स्वच्छ भारत और स्वच्छ दिल्ली अभियान को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं है। कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान हुआ तो मुआवजा दिला सकता है सुप्रीम कोर्ट

