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कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान हुआ तो मुआवजा दिला सकता है सुप्रीम कोर्ट

VVinita Kohli
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Supreme Court: कनॉट प्लेस में तिरंगा प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान हुआ तो मुआवजा दिला सकता है सुप्रीम कोर्ट

NDMC के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

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Supreme Court: दिल्ली के कनॉट प्लेस में प्रस्तावित तिरंगा प्रदर्शन को लेकर कारोबारियों की चिंता पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि यदि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) का आदेश असंगत प्रतिबंध लगाने वाला पाया जाता है और इसके कारण कारोबारियों को गैरकानूनी नुकसान होता है, तो वह मुआवजा देने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल कर सकती है। यह मामला कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित तिरंगा प्रदर्शन से जुड़ा है। व्यापारिक संगठनों को आशंका है कि प्रदर्शन और प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण बाजारों में कारोबार प्रभावित हो सकता है। इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ ने शुक्रवार को जल्द सुनवाई की मांग पर मौखिक सुनवाई की।

दिल्ली किराना समिति और दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट एसोसिएशन की ओर से पेश वकील जय अनंत देहाद्रई ने अदालत को बताया कि प्रस्तावित प्रदर्शन के कारण व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे प्रतिदिन करीब 200 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो सकता है। वकील ने यह भी बताया कि NDMC ने पिछली रात नोटिस जारी कर संबंधित स्थान को बंद करने की जानकारी दी थी। शुरुआत में पीठ ने कहा कि इस मामले से जुड़ा एक अन्य मामला दिल्ली हाईकोर्ट में पहले से सुनवाई के लिए लंबित है। इस पर याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि उनकी याचिका का मुद्दा अलग है। जस्टिस बागची ने कहा कि इन मामलों को पूरी तरह अलग करके नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इनमें प्रदर्शन, आम लोगों की गतिविधियों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसे पहलू जुड़े हुए हैं। कॉजपा की ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली पर सुरक्षा सख्त, सेंट्रल पार्क दो दिन बंद; कनॉट प्लेस में बैरिकेडिंग

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छोटे दुकानदारों की आजीविका पर चिंता, अदालत ने मुआवजे की बात कही

सुनवाई के दौरान कारोबारियों की ओर से कहा गया कि त्योहारों का मौसम आने वाला है। ऐसे समय में यदि बाजारों में आवाजाही और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वकील ने इसी आधार पर मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि अदालत दशहरा अवकाश के बाद ही मामले को सूचीबद्ध कर सकती है। उन्होंने छोटे दुकानदारों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव का भी जिक्र किया। चीफ जस्टिस ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि सभी लोग समझदारी से काम लेंगे। हम जानते हैं कि छोटे दुकानदार इन दिनों अपनी आजीविका कमाते हैं। हम समझते हैं कि इससे पूरे परिवारों को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।”

जब वकील ने मामले को जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर जोर दिया, तो जस्टिस बागची ने मुआवजे के कानूनी पहलू पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि अदालत को लगता है कि कारोबारियों को गैरकानूनी तरीके से नुकसान पहुंचाया गया है, तो वह संवैधानिक अपकृत्य के सिद्धांत के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल कर सकती है। जस्टिस बागची ने कहा, “यदि कारोबार का नुकसान होता है और हम पाते हैं कि आपके पक्षकारों के साथ यह गैरकानूनी रूप से हुआ है, तो हम संवैधानिक अपकृत्य के अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करेंगे। जब ऐसी स्थिति आएगी, तब उस पर विचार करेंगे।” NDMC के आदेश से मध्य दिल्ली के कारोबार पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताए जाने पर भी अदालत ने यही रुख दोहराया। हालांकि, कोर्ट ने अभी मुआवजा देने का कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है। उसकी टिप्पणी इस शर्त पर आधारित है कि सुनवाई के दौरान आदेश को अनुचित और नुकसान को गैरकानूनी पाया जाए। सुप्रीम कोर्ट की पिछली खबर भी जान लीजिए

 

26 या 27 अक्टूबर को हो सकती है अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले को दशहरा अवकाश के बाद 26 या 27 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। अगली सुनवाई में कारोबारियों की आशंकाओं, NDMC के आदेश और व्यापारिक गतिविधियों पर संभावित प्रभाव से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जा सकता है। व्यापारिक संगठनों की याचिका में सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन और प्रशासनिक प्रतिबंधों के कारण दुकानदारों की आजीविका पर पड़ने वाले असर को उठाया गया है। कारोबारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान बाजारों में किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर बिक्री और कमाई पर पड़ सकता है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजे को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अदालत ने केवल यह स्पष्ट किया है कि यदि NDMC का आदेश असंगत प्रतिबंध लगाने वाला पाया गया और उससे गैरकानूनी नुकसान हुआ, तो मुआवजे के सवाल पर विचार किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई में इस विवाद की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। Click Here : पंजाब, मोहाली, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों की ताज़ा खबरों और अपडेट्स से जुड़े रहने के लिए आप हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन कर सकते हैं। ग्रुप में जुड़ने के लिए क्लिक करें

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