हरियाणा। नीट (NEET-UG) पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आज होने वाले प्रदर्शन को लेकर दिल्ली से सटे हरियाणा के इलाकों में भारी मुस्तैदी है। CJP के इस दिल्ली घेराव को देखते हुए हरियाणा पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। खासकर रोहतक-दिल्ली बॉर्डर पर सुरक्षा घेरा इतना कड़ा कर दिया गया है कि वहां से गुजरने वाले हर संदेहास्पद वाहन की तलाशी ली जा रही है। खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस उन चेहरों को चिन्हित कर रही है जो इस आंदोलन का हिस्सा बनने दिल्ली जा रहे हैं।
सांपला में झड़प, जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर साथियों संग हिरासत में
दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे रोहतक जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर को पुलिस ने शनिवार सुबह सांपला के पास रास्ते में ही रोक लिया। जयदेव अपने समर्थकों और क्षेत्र के युवाओं के साथ गाड़ियों के काफिले में दिल्ली जा रहे थे। गाड़ी रुकवाए जाने पर पुलिस और जयदेव के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए जयदेव और उनके साथियों को गाड़ी से उतारकर हिरासत में ले लिया और सीधे थाने ले गई। जयदेव डागर वही शख्स हैं जिन्होंने बीती 22 मई को रोहतक में CJP के बैनर तले पहला प्रदर्शन किया था और डीसी को ज्ञापन सौंपा था।
पुलिस को चकमा देकर दिल्ली निकले दीपक धनखड़, घर पर बैठी रही टीम
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस और छात्र नेताओं के बीच चूहे-बिल्ली का खेल भी देखने को मिला। आम आदमी पार्टी की छात्र विंग (CYSS) के प्रदेशाध्यक्ष दीपक धनखड़ सुबह करीब साढ़े छह बजे ही अपने घर से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इसके ठीक आधे घंटे बाद यानी सुबह सात बजे पुलिस की एक टीम उन्हें नजरबंद करने के लिए उनके घर आ धमकी। दीपक के घर न मिलने पर पुलिस की टीम वहीं डटी रही, जबकि दीपक धनखड़ तब तक दिल्ली बॉर्डर पार कर जंतर-मंतर के लिए रवाना हो चुके थे।
धरने की मंजूरी पर असमंजस, केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी पार्टी
दूसरी तरफ, CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार सुबह 7:45 बजे अमेरिका से सीधे दिल्ली लैंड हुए हैं। पहले यह चर्चा थी कि वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाकर प्रदर्शन की लिखित इजाजत मांगेंगे, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी है और अब कार्यकर्ता सीधे वहीं जुटेंगे। CJP इस प्रदर्शन के जरिए सीबीएसई, सीयूईटी और एसएससी-जीडी जैसी परीक्षाओं में गड़बड़ियों का मुद्दा उठा रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
चढूनी का हरिद्वार से संदेश: खुद नहीं आएंगे, पर साथी देंगे धरना
इस छात्र आंदोलन को किसान संगठनों का भी साथ मिलता दिख रहा है। भारतीय किसान यूनियन (BKU) चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है। चढूनी ने साफ किया कि 6 से 8 जून तक हरिद्वार में उनका पहले से तय राष्ट्रीय चिंतन शिविर है, जिसकी वजह से वह खुद तो जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाएंगे, लेकिन उनके संगठन के कई प्रमुख साथी और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचकर छात्रों के इस हक की आवाज को मजबूत करेंगे।

